तमकुहीरोड। कप्तानगंज-थावे रेल मार्ग पर दो पैसेंजर ट्रेन को 29 फरवरी 2024 तक के लिए निरस्त है। इसके अलावा पाटलिपुत्र ट्रेन को सप्ताह में तीन दिन चलाया जा रहा है। इससे क्षेत्र के लोगों को तरयासुजान, जलालपुर व सासामुसा की यात्रा में परेशानी उठानी पड़ रही है।
पूर्वोत्तर रेलवे की तरफ से कोहरे को लेकर नकहा जंगल से सिवान और सिवान से नकहा जंगल जाने वाली 05035/05036 पैसेंजर ट्रेन व सुबह में थावे से कप्तानगंज और कप्तानगंज से थावे जाने वाली 05189/05190 पैसेंजर ट्रेन को 29 फरवरी तक निरस्त किया गया है। इसके अलावा नियमित चलने वाली पाटलिपुत्र मेल पैसेंजर ट्रेन को सप्ताह में तीन दिन चलाया जा रहा है। इससे यात्रियों को तरयासुजान सहित बिहार के जलालपुर व सासामुसा तक की यात्रा मुश्किल हो गई है। आधी रात के बाद दिन में तीन बजे तक बिहार जाने वाली कोई पैसेंजर ट्रेन नहीं है। सुबह गोमतीनगर एक्सप्रेस व सप्ताह में तीन दिन 15079/15080 पाटलिपुत्र मेल पैसेंजर ट्रेन चलती भी है, तो उसका ठहराव थावे के अलावा अन्य किसी छोटे स्टेशन पर नहीं है। इन लोकल स्टेशनों पर जाने के लिए यातायात की कोई सीधी सेवा नहीं है। इससे यात्रियों को स्थानीय स्टेशनों तक यात्रा करने के लिए निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। लोगों को प्राइवेट वाहनों से अधिक किराया देकर यात्रा करनी पड़ रही है। पैसेंजर ट्रेन के नाम पर 05153/05154 डेमू ट्रेन दस बजे तमकुहीरोड होते हुए गोरखपुर जाती है। यह ट्रेन कभी दस बजे रात को तो कभी 11 बजे रात में लौटती है। थावे से कप्तानगंज चलने वाली 05164/05165 पैसेंजर ट्रेन 11 बजे दिन में तमकुहीरोड होते हुए कप्तानगंज जाती है। दिन में तीन बजे लौटती है। जो बिहार के स्थानीय स्टेशनों के लिए मुफीद नहीं है। गोमतीनगर और पाटलिपुत्र ट्रेन से तमकुहीरोड उतरने वाले यात्रियों को सुबह में तरयासुजान, जलालपुर और सासामुसा जाना हो तो बिहार जाने के लिए तीन बजे वाली ट्रेन का इंतजार करना पड़ता है। क्षेत्र के अशोक कुमार वर्मा, संजय राय, प्रभुनाथ प्रजापति, ध्रुव निषाद, श्रीदयाल मिश्र, प्रभात मिश्र आदि ने लोगों की समस्या को देखते हुए इन ट्रेनों का संचालन शुरू कराने की मांग की है।