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Kushinagar News: माता-पिता की बीमारी ने अजीत को बना दिया था कमजोर

Tue, 21 Mar 2023 12:51 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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निवर्तमान सभासद अजीत की आत्महत्या के बाद रोती बिलखती पत्नी संध्या।संवाद
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पहले भी जान देने की दो बार कर चुके थे कोशिश
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संवाद न्यूज एजेंसी
खड्डा। पड़ोसी दंपती की मौत और माता-पिता की बीमारी ने पूर्व सभासद अजीत सिंह को कमजोर बना दिया था। अजीत के पिता के अनुसार उनकी किराने की दुकान है। पड़ोस में एक दंपती रहते थे। वह उनकी दुकान से सामान लेते थे। दोनों बेटे के काफी करीब थे। तीन माह पहले कुछ समय के अंतराल पर पति-पत्नी की मौत हो गई। इसके बाद अजीत गुमसुम रहने लगे। कहते थे कि पड़ोसी उनके सपने में आते हैं और साथ चलने को कहते हैं।
बताया जाता है कि दो छोटे बच्चों, पत्नी व बीमार माता-पिता को छोड़कर मौत का रास्ता चुनने वाले अजीत सिंह आर्थिक तंगी के साथ तनाव से जूझ रहे थे। इसके पहले भी दो बार जान देने की कोशिश कर चुके थे। रो-रो कर उनकी पत्नी संध्या सिंह कह रही थी कि भगवान यह कैसा इंसाफ है। उनके बच्चों का क्या होगा।
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संध्या ने बताया कि हर शुक्रवार व सोमवार को मंदिर में पूजा करने पति-पत्नी साथ जाते थे। सोमवार को जब उन्हें मंदिर जाने के लिए कहा तो उन्होंने कहा कि चलो मैं आ रहा हूं। संध्या ने पति को दवा खिलाकर कस्बा स्थित मंदिर में चली गई।
इधर, पति ने खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली। संध्या कह रही थी कि आर्थिक परेशानी थी। वह धीरे धीरे ठीक हो रहे थे। पति का इलाज पटना व गोरखपुर से चल रहा था। अजीत दो भाई थे। बड़े भाई अमित किसी काम से चेन्नई गए हुए हैं।
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बंदूक लेकर छत पर गए, बेटे को भेज दिया पानी लाने
अजीत का दस वर्षीय पुत्र शौर्य व छह वर्ष की पुत्री ऋद्धि घटना के समय घर पर थे। शौर्य ने बताया कि पापा बंदूक लेकर छत पर गए व चौकी पर बैठ गए। जब उनके पास पहुंचा तो पानी लाने के लिए उसे भेज दिया। नीचे पहुंचा ही था, इसी बीच बंदूक से गोली चलने की आवाज सुनाई दी।
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गोली की आवाज सुन भतीजा पहले पहुंचा
गोली की आवाज सुनकर अजीत के बड़े भाई अमित का 12 वर्षीय पुत्र और मृतक का भतीजा लालू सबसे पहले पहुंचा। खून बहता देखकर शोर मचाने लगा। लालू ने बताया कि लगा कि पटाखा फूटा है। जब मैं पहुंचा तो चाचा खून से लथपथ थे। बंदूक बगल में पड़ी थी।
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इलाज के लिए रहते थे परेशान
अजीत के पिता दिनेश सिंह ने बताया कि शादी 2011 में बिहार के बेतिया में हुई थी। कुछ माह पहले दिनेश सिंह का ऑपरेशन हुआ था। मृतक की मां हृदय रोग की मरीज हैं। उनका इलाज चल रहा है। इसी को लेकर अजीत परेशान रहते थे। उनके पिता ने बताया कि किराने की दुकान पर बैठता था, तो उसे समझाता था। अचानक इतना बड़ा कदम उठा लेगा, यह नहीं सोचा था।
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बंदूक का लाइसेंस चाचा के नाम से
जिस बंदूक से अजीत सिंह ने आत्महत्या की, वह उनके चाचा के नाम से है। उन्होंने बताया कि वह घर पर मौजूद नहीं थे। कमरे में बंदूक थी, जिसे अजीत उठा ले गए। उनका संयुक्त परिवार है।
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विष्णुदत्त पांडेय
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