कसया। विश्वभर में पदयात्रा के माध्यम से शांति, मैत्री और अहिंसा का संदेश प्रसारित करने वाले पूज्य भिक्षु पञ्ञकारा थेरो और उनके साथ चल रहे शांतिदूत डॉग आलोक के साथ अमेरिका, थाईलैंड और वियतनाम से आया 16 सदस्यीय बौद्ध प्रतिनिधिमंडल शनिवार को बोधगया से कुशीनगर पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल में चार भिक्षु सहित विभिन्न देशों के श्रद्धालु शामिल हैं, जो रविवार को भगवान बुद्ध से जुड़े पवित्र स्थलों का दर्शन-पूजन करेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रतिनिधिमंडल रविवार की सुबह 6 बजे रामाभार स्तूप पहुंचेगा। इसके बाद सुबह 7 बजे महापरिनिर्वाण मंदिर में दर्शन-पूजन करेगा। सुबह 8:15 बजे दल बर्मा मंदिर पहुंचेगा वहां बौद्ध भिक्षुओं की ओर से सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। उसके बाद सुबह 9:30 बजे नेपाल स्थित भगवान बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी के लिए प्रस्थान करेगा। प्रतिनिधिमंडल में थाईलैंड के भिक्षु फ्रा सुपालक खांगथोंग और फ्रा पिचेत केटमी शामिल हैं। इसके अलावा अमेरिका और वियतनाम से आए श्रद्धालुओं में क्वांग न्गोक, लॉ वान गुयेन, जिमी जॉय, हुआन बा वो, बाओ फुओंग थू फाम, आन्ह फुओंग थू फाम, एलिजाबेथ एन ब्रैडली, मैरी जॉय कोलब, एंडी आन्ह हुइन्ह, शेरी डॉन कार्डास, न्गुएन फी त्रि, किम थे आन्ह, आंगो आन खांग तथा न्गोक डोंग शामिल हैं। धार्मिक नगरी कुशीनगर में एक साथ अंतरराष्ट्रीय बौद्ध भिक्षुओं और श्रद्धालुओं के आगमन से आध्यात्मिक वातावरण और अधिक जीवंत हो गया है। आयोजकों का कहना है कि ऐसे कार्यक्रम विश्व शांति, करुणा और बौद्ध संस्कृति के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, साथ ही अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटन को भी नई दिशा प्रदान करते हैं।