निलंबित फार्मासिस्ट को सवेतन बहाल करने का आदेश
- जांच में आरोप सिद्ध न होने पर बहाल किया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। कोरोनाकाल में डीटीओ कार्यालय में तैनाती के दौरान निलंबित हुए एक फार्मासिस्ट को बहाल करने का आदेश दिया गया है। उन पर सैनीटाइजर में पानी मिलाकर आपूर्ति करने का आरोप था। उच्चस्तरीय जांच में उनके खिलाफ साक्ष्य न मिलने पर उन्हें सवेतन बहाल करने का आदेश दिया गया है। यह निर्देश स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक की तरफ से जारी होने के बाद सीएमओ ने फार्मासिस्ट की बहाली के लिए पत्र जारी कर दिया।
महानिदेशक की तरफ से जारी पत्र में बताया गया है कि जिला क्षय रोग अधिकारी के कार्यालय में तैनात फार्मासिस्ट अशोक कुमार यादव को कोरोना संकटकाल में सैनीटाइजर में पानी मिलाकर आपूर्ति किए जाने के आरोप में निलंबित कर दिया गया था। पूर्व एवं वर्तमान सीएमओ सीएमओ की तरफ से लगाए गए आरोपों की जांच के लिए त्रिस्तरीय समिति गठित की गई थी। निदेशक (समंवय) सदस्य जांच समिति, संयुक्त निदेशक विधि प्रकोष्ठ व जांच समिति के सदस्य की रिपोर्ट में अशोक यादव के ऊपर लगाए गए आरोप साक्ष्यों के अभाव में समाप्त किए जाने तथा निलंबन आदेश निरस्त करने की संस्तुति की है।
उसके आधार पर महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं उत्तर प्रदेश शासन ने सीएमओ को निलंबन आदेश निरस्त कर सेवा बहाल करने तथा सभी देयों का भुगतान करने का निर्देश दिया है। इसके बाद सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया ने फार्मासिस्ट अशोक कुमार यादव को वेतन सहित बहाल करने का आदेश जारी कर दिया।