मंसाछापर। क्षेत्र के खजुरिया गांव में चल रहे सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ का समापन बृहस्पतिवार की रात्रि हुआ। कथा व्यास आचार्य विजेंद्र प्रसाद ममगांई ने कहा कि सुदामा भगवान श्रीकृष्ण के परम मित्र थे, लेकिन उन्होंने कभी भी भगवान से कुछ मांगा नहीं। उन्होंने बताया कि मांगने से आत्मग्लानि होती है, जबकि परिश्रम से प्राप्त धन से मन को सच्ची प्रसन्नता और संतोष मिलता है। उन्होंने कहा कि भगवान दत्तात्रेय ने चौबीस गुरु बनाकर यह संदेश दिया। प्रकृति और जीवन के हर पहलू से कुछ न कुछ सीखना चाहिए। अंत में हवन-पूजन और प्रसाद वितरण के साथ कथा का समापन हुआ।