पहले दिन सिर्फ 56 क्विंटल धान की हुई खरीद
जिले में बनाए गए हैं 58 क्रय केंद्र,
सेवरही क्षेत्र के दो किसानों ने ही बेचा धान, 58 केंद्रों पर 28 फरवरी तक होगी धान की खरीद
- 2,040 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा किसानों से धान
- विभाग के पोर्टल पर पंजीकृत किसान ही बेच सकेंगे धान
- अभी ज्यादातर किसानों की धान की फसल खेतों में, कटने के बाद आएगी तेजी
पडरौना। जिला प्रशासन की तरफ से बनाए गए 58 क्रय केंद्रों पर मंगलवार से धान खरीद शुरू हो गई। तैयारी के बावजूद क्रय केंद्र सूने रहे। सिर्फ सेवरही क्षेत्र में दो किसानों ने 56 क्विंटल धान बेचा। इस तरह धान खरीद की शुरुआत पहले दिन ही लड़खड़ा गई। इसके पीछे वजह यह बताई जा रही है कि अभी ज्यादातर किसानों की धान की फसल खेत में है। पिछले दिनों हुई बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया था, जिसकी वजह से फसल कट नहीं पाई। अगले एक सप्ताह में इसमें तेजी आने की संभावना है।
इस साल जनपद में धान खरीद के लिए कुल 58 क्रय केंद्र बनाए गए हैं, जहां धान खरीद एक नवंबर से शुरू कर दी गई। इन क्रय केंद्रों पर 28 फरवरी तक धान की खरीद होगी। धान क्रय केंद्र खुलने का समय सुबह नौ से शाम पांच बजे तक है। रविवार एवं राजपत्रित अवकाश के दिन क्रय केंद्र बंद रहेंगे। इस साल धान खरीद का लक्ष्य एक लाख दस हजार मीट्रिक टन मिला है। कृषकों से खरीदे गए धान का भुगतान केंद्र प्रभारी 2,040.00 रुपये प्रति क्विंटल की दर से पीएफएमएस (सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली) के माध्यम से करेंगे। धान खरीद के पहले दिन मंगलवार को जनपद के क्रय केंद्रों की पड़ताल कराई गई तो अधिकतर जगहों पर सन्नाटा छाया रहा।
सेवरही में स्थित खाद्य विभाग के धान क्रय केंद्र पर सिर्फ दो किसानों ने धान बेचा। किसानों ने 56 क्विंटल धान बेचा, जबकि अन्य किसी केंद्र पर धान खरीद नहीं हो पाई। वहां कर्मचारी तो तैनात रहे, लेकिन किसान ही नहीं पहुंचे।
गुरवलिया बाजार प्रतिनिधि के अनुसार किसान सेवा समिति कोरया खिरिया लिमिटेड पर पहले दिन कोई किसान धान बेचने नहीं पहुंचा। इस केंद्र को विभाग से बोरा भी नहीं मिला है। केंद्र पर सचिव संजय शाही उपस्थित थे। उन्होंने बताया कि विभाग से बोरा उपलब्ध नहीं हुआ है। खरीदारी शून्य रही। उन्होंने बताया कि अभी धान की फसल पूरी तरह तैयार नहीं है। इसलिए किसान नहीं आए।
डिबनी बंजरवा प्रतिनिधि के अनुसार तमकुहीराज स्थित धान क्रय केंद्र खुला रहा। प्रथम दिन धान खरीद शून्य रही। मार्केटिंग इंस्पेक्टर तमकुहीराज शमीम कुरैशी ने बताया कि सरकार की मंशा के अनुरूप क्रय केंद्र खरीद के लिए पूरी तैयारी के साथ खुला है।
अधूरी तैयारी के साथ खुला था क्रय केंद्र
पटहेरवा। स्थानीय बाजार में स्थित धान क्रय केंद्र पर सचिव मनोज राव मौजूद थे। उन्होंने बताया कि अभी नमी मापक मशीन नहीं मिली है। एक कांटा खराब है। साथ ही बोरे भी नहीं मिले हैं। जैसे ही बोरे मिल जाते हैं, धान की खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। उनका कहना था कि किसान पूछताछ करने आ रहे हैं। धान की फसल तैयार हो रही है। उम्मीद है कि किसानों का धान जब खरीद केंद्र पर आने लगेगा तो सारी सुविधाएं भी मिल जाएंगी।
क्रय केंद्र पर नहीं पहुंचा कोई किसान
रामकोला क्षेत्र के सहकारी समिति खोटही पर धान क्रय केंद्र बनाया गया है। मंगलवार को केंद्र खुला था, लेकिन कोई किसान धान बेचने नहीं आया। केंद्र प्रभारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि मंगलवार को किसी किसान से धान की खरीद नहीं हुई। यहां खोटही, पगार, फुलवरिया, दीउलिहा मनिया छपरा आदि गांवों के किसान धान बेचने के लिए आते हैं।
केवल कागजात लेकर गए किसान
कप्तानगंज। राजकीय धान क्रय केंद्र कप्तानगंज प्रथम और द्वितीय के प्रभारी क्षेत्रीय विपणन अधिकारी फरहता अफरोज ने बताया कि अभी तक कारी टोला के रामकिशुन और रामबेलास, इंदरपुर निवासी रामसूरत सिंह और ब्रह्मा सिंह धान बेचने के लिए कागजात लेकर आए हैं, लेकिन धान बेचा नहीं है। अभी किसानों का धान तैयार होने में एक सप्ताह का समय लग जाएगा। इसके बाद खरीदारी में तेजी आएगी।
सूना रहा क्रय केंद्र
जौरा बाजार। फाजिलनगर के अमवा स्थित राजकीय क्रय केंद्र पर शिवकुमार दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी उपस्थित थे। क्रय केंद्र सूना था। उन्होंने बताया कि क्रय केंद्र प्रभारी विभागीय अधिकारी के साथ क्षेत्र में गए हैं।
तैयारी पूरी, कोई किसान नहीं पहुंचा
हाटा। विपणन शाखा को धान क्रय केंद्र बनाया गया है। क्रय केंद्र प्रभारी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि खरीद की सभी तैयारी पूरी कर ली गई है। अभी फिलहाल कोई किसान धान बेचने नहीं आया है। बताया जा रहा है कि फसल अभी पूरी तरह से तैयार नहीं है।
जिले में मंगलवार से धान खरीद शुरू हो गई। इसके लिए कुल 58 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। पहले दिन सिर्फ 56 क्विंटल धान खरीद हो सकी। क्योंकि अभी धान की फसल कटी नहीं है। धान खरीद में तेजी आने में अभी एक सप्ताह का समय लगेगा।
देवी दयाल वर्मा, धान खरीद प्रभारी/एडीएम