- शासन की ओर से तहसीलों में चस्पा की कर दी गई है गाइड लाइन
- तय समय में निस्तारित करना होगा मुकदमा
संवाद न्यूज एजेंसी
हाटा। शासन ने राजस्व के मामलों में विवाद हाेने की सबसे बड़ी वजह तहसीलों में चल रहे राजस्व से जुड़े मुकदमों को माना है। इसलिए शासन की ओर से अलग-अलग मुकदमों के लिए निस्तारित करने का समय निर्धारित कर दिया गया है। प्रतिदिन न्यायालय की कार्रवाई चलाकर अधिक से अधिक मुकदमों को निस्तारित करने का आदेश भी संबंधित अधिकारियों को दिया जा चुका है। इस आदेश का असर भी बुधवार को न्यायालयों में देखने को मिला। काफी संख्या में मुकदमों की सुनवाई हुई, जिसकी वजह से न्यायालयों में वादकारियों की भीड़ देखी गई।
हाटा तहसील के एसडीएम न्यायालय के बाहर उत्तर प्रदेश शासन की ओर से मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र की ओर से जारी शासनादेश की काॅपी चस्पा की गई है। उसमें निर्देश दिया गया है कि राजस्व के लंबित सभी मामलों को अभियान चलाकर जल्द से जल्द निस्तारित किया जाए। इसके लिए राजस्व विभाग के अलग-अलग धाराओं के मुकदमों को निस्तारित करने के लिए समय सीमा भी निर्धारित की गई है। इस आदेश में बताया कि गया है कि धारा 24 के तहत जमीनों की पक्की पैमाइश के मुकदमों के निस्तारण के लिए 90 दिनों का समय निर्धारित किया गया है। धारा 33 के तहत गैर विवादित वरासत के मामलों के निस्तारण के लिए 45 दिनों का समय तय किया गया है। वहीं विवादित नामांतरण के मुकदमों को निपटाने के लिए 90 दिनों की समय सीमा तय की गई है। धारा 116 के तहत बंटवारे के मुकदमों को भी छह माह में निस्तारित करने को कहा गया है।
तहसील की कोर्ट में फैसले का इंतजार कर रहे 3287 मुकदमे
हाटा तहसील में 11 अक्तूबर 2023 तक सभी कोर्ट में कुल 3287 मुकदमे लंबित है। इसमें एसडीएम कोर्ट में धारा 24 के 293 मुकदमे और धारा 116 के 833 मुकदमे लंबित थे। वहीं धारा 34 के तहत तहसीलदार कोर्ट में 540, तहसीलदार न्यायिक कोर्ट में 444 और नायब तहसीलदार के कोर्ट में 454 मुकदमे थे। धारा 67 के तहत तहसीलदार न्यायालय में 368 और तहसीलदार न्यायिक के कोर्ट में 355 मुकदमे दर्ज थे। शासनादेश के तहत यह भी बताया गया है कि प्रत्येक दिन शाम छह बजे से लंबित मामलों में से निस्तारित मामलों की समीक्षा होगी। तहसील में चस्पा मुकदमों की सूची के तहत एसडीएम हाटा कोर्ट को प्रति कार्य दिवस 38 मुकदमे, तहसीलदार कोर्ट को 30 मुकदमे, तहसीलदार न्यायिक कोर्ट को 27 मुकदमे और नायब तहसीलदार कोर्ट को 15 मुकदमों का निस्तारण करना है।