खड्डा। कमीशन के लालच में निजी अस्पताल में प्रसव कराने में आशा कार्यकर्ताओं की संलिप्तता सामने आई है। सीएचसी प्रभारी ने चार आशा कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर सेवा समाप्ति की कार्रवाई की चेतावनी दी है। प्रसूताओं से पूछताछ में भी इसकी पुष्टि हो चुकी है। ब्लॉक की अन्य आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका की जांच की जा रही है।
तुर्कहा सीएचसी में सामान्य प्रसव की सुविधा है। लेकिन, कुछ आशा कार्यकर्ता कमीशन के लालच में सरकार की अधिक से अधिक संस्थागत प्रसव कराने की योजना को पलीता लगा रही हैं। कुछ आशा कार्यकर्ता गर्भवतियों को सरकारी अस्पताल के बजाए प्राइवेट अस्पतालों में पहुंचा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की जांच में खड्डा क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता सुमित्रा देवी, फुलवंती देवी, सरिता जायसवाल, रेखा श्रीवास्तव की प्राइवेट अस्पतालों से सांठगांठ की पुष्टि हुई है। गर्भवती महिलाओं के बयान में भी यह बात सामने आ चुकी है।
खड्डा सीएचसी प्रभारी डॉ. पीएन गुप्ता ने चारों आशा कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी किया है। इससे निजी अस्पतालों से सांठगांठ रखने वाली आशा कार्यकर्ताओं में खलबली मची है। जिस निजी अस्पताल में प्रसव आशा कार्यकर्ताओं ने महिलाओं का प्रसव कराया है, उस अस्पताल का रजिस्ट्रेशन है या नहीं। स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार इसकी जांच कर रहे हैं। प्रभारी चिकित्साधिकारी डाॅ. पीएन गुप्ता ने बताया कि विभागीय जांच के आधार पर चार आशा दोषी पाई गई हैं। इनकी सेवा समाप्त करने की कार्रवाई जा सकती है। जांच में दोषी मिलीं आशा कार्यकर्ताओं को नोटिस दिया गया है। उनकी तरफ से अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है।