तमकुहीरोड। बड़ी गंडक नदी के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी हुई है। इसके चलते नदी शुक्रवार को विरवट कोन्हवलिया में कट एंड टू बांध के पास के एक ठोकर के नोज से टकराने लगी है। यह देख अभियंताओं ने बोल्डर की डंपिंग से ठोकर को सुरक्षित करने की कोशिशें तेज कर दी है। लोगों का कहना है कि यदि सभी क्षतिग्रस्त ठोकरों पर सुरक्षा का इंतजाम नहीं किया गया तो कभी भी बांध पर खतरा बढ़ सकता है।
बड़ी गंडक नदी के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव होने से नरवाजोत से लेकर अहिरौलीदान तक के अधिकांश ठोकरों व तटबंधों पर दबाव व कटान का खतरा बना हुआ है। सबसे ज्यादा खराब स्थिति विरवट कोन्हवलिया में ठोकर नंबर चार (कट एंड टू बांध) के पास के ठोकरों पर बनी हुई है। पिछले एक पखवाड़े से नदी का भारी दबाव बना हुआ है। जिसे सुरक्षित बनाना बाढ़ खंड के अभियंताओं के लिए चुनौती है। हालांकि, विभाग ने यहां दिन-रात एक करके बोल्डर की डंपिंग कराकर कटान को रोकने की कोशिश की है। बावजूद इसके शुक्रवार को एक ठोकर का नोज क्षतिग्रस्त हो गया। जबकि अप व डाउन स्ट्रीम में ठोकर पर दबाव बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि जिस हिसाब से ठोकर के पास नदी बैकरोलिंग कर रही है, वह ठोकर व बांध की सुरक्षा के लिए खतरनाक है। यदि समय रहते इस ठोकर को मजबूत नहीं किया गया तो कभी भी बांध की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। इस संबंध में बाढ़ खंड के एसडीओ रमेश यादव ने बताया कि ठोकर के नोज पर कुछ दबाव बढ़ गया था। समय रहते सही करा दिया गया है। अभियंता सभी संवेदनशील स्थानों पर पैनी नजर रखे हुए हैं।