पानी बिना सूखा पड़ा हिरण्यावती नदी का बुद्धा घाट।संवाद
कसया। बौद्ध अनुयायियों की आस्था से जुड़ी कुशीनगर की हिरण्यावती नदी का पानी सूख गया है। इससे बुद्धा घाट पर नौकायन सेवा बंद हो गई है। इसलिए नौकायन करने आने वाले लोग हर दिन निराश होकर लौट रहे हैं।
वर्ष 2013 में तत्कालीन डीएम आर. सैंफिल ने हिरण्यवती नदी के जल व पर्यावरण संरक्षण और यहां पिकनिक स्पॉट बनाने के लिए बुद्धा घाट की नींव रखी थी। इसमें तहसील प्रशासन, विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण नगर पालिका, टेंपल एरिया की सहभागिता तय की गई थी। उस समय घाट पर प्रकाश, पौधरोपण, सीढि़यां, शेड, पार्किंग आदि बनाकर सुंदरीकरण कराया गया था। इसके बाद यहां पर्यटकों की संख्या बढ़ गई थी।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अभिषेक पांडेय और पूर्ण वोहरा ने इस पर्यटन स्थली को और विकसित कराया। वहां मियाबाकी वन, समेकित पार्क, बच्चों का पार्क, उपवन सहित राष्ट्रीय ध्वज होने से इस घाट का आकर्षण और बढ़ गया। इसे देखने के लिए यहां हर दिन तीन सौ से अधिक लोग आने लगे। दिन भर बच्चे और बड़े लोग नदी में बोटिंग करते थे, लेकिन अब नदी में पानी सूख जाने से नौकायन की सुविधा बंद कर दी गई है। इससे पर्यटकों का आवागमन पहले की अपेक्षा कम हो गया है।
इस संबंध में कसया की एसडीएम रत्निका श्रीवास्तव ने कहा कि नदी में पानी उपलब्ध कराने के लिए टेक्निकल एडवाइजर से कार्य योजना मांगी गई है। कार्ययोजना मिलने के बाद उच्चाधिकारियों से वार्ता कर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।