पीएम रिपोर्ट में नहीं मिले चोट के निशान
पुलिस ने दर्ज किया है लाठी डंडे से मारकर हत्या करने का केस
संवाद न्यूज एजेंसी
खड्डा। सरकारी जमीन में गुमटी रखने के विवाद में नरेश मुसहर की मृत्यु होने के मामले में पेच फंस गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के शरीर पर कोई चोट का निशान नहीं लगने की बात कही गई है। मृत्यु का कारण अस्पष्ट होने से विसरा प्रिजर्व कर लिया गया है। इस मामले में पुलिस ने छह लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है। खड्डा थानाक्षेत्र के सालिकपुर गांव के पास एनएच-727 के पटरी पर गुमटी रखने के विवाद में बीते 28 अगस्त की सुबह नरेश मुसहर की तबियत खराब हो गई थी। इलाज के दौरान 29 अगस्त को नरेश की मृत्यु हो गई। नरेश की पत्नी ने तहरीर में ग्राम प्रधान व इनके परिजनों पर गोलबंद होकर लाठी-डंडे से मारने और जातिसूचक शब्द का प्रयोग करने का गंभीर आरोप लगाया था। पुलिस ने ग्राम प्रधान समेत छह लोगों के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या, बलवा, मारपीट और दलित उत्पीड़न आदि की धारा में मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना सीओ शिवाजी सिंह की तरफ से की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण अस्पष्ट बताया गया है। इसमें नरेश को कोई चोट नहीं लगने की बात कही गई है। इस संबंध में खड्डा एसओ आरके यादव ने बताया कि नरेश मुसहर के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कोई भी चोट नहीं लगने की बात कही गई है। रिपोर्ट के आधार पर ही वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।