लक्ष्मीगंज। सहकारी समिति खोटही और सहकारी गन्ना विकास समिति लक्ष्मीगंज में खाद नहीं होने से किसानों को महंगे दामों पर खाद खरीदनी पड़ रही है। इससे किसानों को आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। इस सीजन में गन्ने, गेहूं, सरसों आदि की बुआई चल रही है। बुआई के समय डीएपी और एनपीकेएस खाद की जरूरत होती हैं। इसके अलावा पौधों पर यूरिया का छिडकाव भी किया जाता हैं। सहकारी समिति खोटही और सहकारी गन्ना विकास समिति लक्ष्मीगंज में खाद उपलब्ध नहीं है। इन समितियों से लालाछपरा, खोटही,पगार, दीउलिहा मनिया छपरा, फुलवरिया, तरकुलवा, धोधरही आदि गांव के किसान जुड़े हुए हैं। क्षेत्र के रामदास मौर्य, ओमप्रकाश चौधरी, रामकृपाल यादव, हरेंद्र कुशवाहा, जगदीश मौर्य, धीरज चौधरी, रामकिशोर शाही, धर्मेंद्र यादव आदि किसानों का आरोप है कि खुले बाजार में मनमाने दाम पर खाद खरीदनी पड़ रही है।