मंसाछापर। जलनिकास की व्यवस्था नहीं होने से करीब 30 एकड़ फसल डूब गई है। इसमें पांच एकड़ धान की फसल तो बर्बाद हो गई है। शिकायत के बाद भी अधिकारी जलनिकासी की कोई व्यवस्था नहीं कर पाए।
विशुनपुरा ब्लॉक के सिरसिया दीक्षित गांव में बारिश से 30 एकड़ फसल डूब गई है और पांच एकड़ धान की फसल बर्बाद हो गई है। गांव में जाने वाले सड़क पर पानी जमा होने से लोगों के आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के पानी के निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है।गांव के भोरई राजेश, भरत, रामचंद्र गुप्त, किशुन गुप्त, गुड्डू, धर्मेंद्र, नितेश, गोबरी आदि ने कहा कि जलभराव से कई लोग संक्रामक रोगों से पीड़ित हैं। जलनिकासी के लिए लगातार अधिकारियों को पत्र दिया गया लेकिन कोई इस पर ध्यान नहीं दे रहा। ग्राम प्रधान सुनील दीक्षित का कहना है कि हमारे गांव के साथ ब्लॉक के अधिकारी और कर्मचारी भेदभाव करते हैं। ब्लाक से मनरेगा के तहत इंटरलॉकिंग सड़क या खड़ंजा और नाली निर्माण की स्वीकृति नहीं दी जाती है। इससे समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाता है। मनरेगा के तहत 60-40 के अनुपात से काम देने का प्रावधान है। जो काम मनरेगा के तहत दिया गया है, वहीं गांव में अधूरा पड़ा है। जलभराव की समस्या के समाधान के लिए प्रयास किया जाएगा। -सुशील कुमार सिंह, बीडीओ।