रामकोला नगर पंचायत में बने रैन बसेरा की जांच करते एसडीएम ब्यास नारायन उमराव।
पडरौनात/तमकुहीराज। डीएम के निर्देश पर रविवार की रात करीब 11 बजे जिले के तमकुहीराज, कसया और खड्डा के एसडीएम ने क्षेत्र के रैन बसेरों की जांच की। जांच के दौरान तमकुहीराज का रैन बसेरा बंद मिला तो सेवरही में उपलब्ध इंतजाम कम दिखा। हालांकि कसया और खड्डा का रैन सबेरा सक्रिय मिला।
रविवार की रात करीब 11 बजे तमकुहीराज एसडीएम विकास चंद ने नगर पंचायत के हरिपुर स्थित पंचायत भवन में बने रैन बसेरा की जांच की। जांच के दौरान रैन बसेरा में ताला बंद मिला। बीते छह दिसंबर को अमर उजाला ने जिले के सक्रिय रैन बसेरों की पड़ताल की थी, उसमें भी यहां का रैन बसेरा बंद मिला था। सोमवार की शाम करीब चार बजे एसडीएम सेवरही स्थित रैन बसेरा पहुंचे, वहां रैन बसेरा खुला मिला, लेकिन उसमें उपलब्ध संसाधन पर्याप्त नहीं मिले। एसडीएम ने बताया कि रैन बसेरा बंद मिलने पर तमकुहीराज के ईओ को रैनबसेरा संचालित करने के निर्देश दिए गए है। इसके अलावा जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
इसी तरह कसया एसडीएम योगेश्वर सिंह, नायब तहसीलदार शैलेंश सिंह और ईओ शैलेंद्र मिश्र ने कसया के नगर पालिका कार्यालय, बस स्टैंड और विश्वकर्मा मंदिर परिसर में बने तीनों रैन बसेरों का निरीक्षण किया। उनके निरीक्षण के दौरान रैन बसेरा में बिस्तर, पानी एवं शौचालय की व्यवस्था ठीक मिली। उन्होंने ईओ को रैन बसेरा में आने वाले लोगों के लिए पर्याप्त सुविधाएं रखने के निर्देश दिए। खड्डा एसडीएम आशुतोष ने नगर पांचायत में बने रैन बसेरा का निरीक्षण किया। वहां भी उपलब्ध इंतजाम मानक के अनुरूप मिला।
रैन बसेरा में पसरी गंदगी देख एसडीएम ने जताई नाराजगी
रामकोला। नगर पंचायत रामकोला कार्यालय परिसर में बने रैन बसेरा का कप्तानगंज एसडीएम व्यास नारायण उमराव ने सोमवार को निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान वहां पसरी गंदगी देख उन्होंने नाराजगी जताते हुए ईओ को तत्काल सफाई कराने और अलाव जलाने का इंतजाम कराने का निर्देश दिया। इस दौरान नगर पंचायत के सभी कर्मचारी मौजूद रहे। संवाद