सुकरौली। पीएचसी सुकरौली पर इलाज कराने आई एक प्रसूता ने प्रसव में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। महिला ने सीएमओ के अलावा मानवाधिकार आयोग को शिकायती पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है। महिला का आरोप है कि 17 मार्च को प्रसव कराने आई थी। प्रसव केंद्र पर तैनात स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही के कारण पेट में बच्चे की मौत हो गई थी। गोरखपुर जिले के चौरीचौरा थाना क्षेत्र के गौनर गांव की रहने वाले रामाशीष की पत्नी रिंकी ने सीएमओ को पत्र भेजकर इलाज के दौरान लापरवाही से नवजात की मौत होने का आरोप लगाया है। पत्र में रिंकी ने लिखा है कि वह 17 मार्च को प्रसव के लिए सुकरौली पीएचसी पहुंची। स्वास्थ्यकर्मियों ने देरी से आने की बात कहकर बगैर इलाज किए ही घर लौटा दिया। प्रसूता की जब सेहत बिगड़ी तो परिजन उसे लेकर सुकरौली पीएचसी पहुंचे। रात में कोई महिला चिकित्सक मौजूद नहीं थी। वहां तैनात स्वास्थ्यकर्मियों ने इलाज में लापरवाही बरती। रातभर दाई की देखरेख में प्रसूता का इलाज हुआ। सुबह स्वास्थ्यकर्मियों ने प्रसूता को बताया कि नवजात की मौत हो चुकी है। आनन-फानन में स्वास्थ्यकर्मियों ने गोरखपुर रेफर कर दिया। वहां पहुंचने पर प्रसूता ने मृत बच्चे को जन्म दिया। 19 मार्च को सीएमओ कुशीनगर, मानवाधिकार आयोग को शिकायती पत्र भेजा है।