कसया। अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल कुशीनगर में नए साल का जश्न धूमधाम से मनाया जाएगा। सैलानियों के पिकनिक मनाने में असुविधा न हो, इसके लिए जरूरी इंतजाम किए गए हैं। महापरिनिर्वाण बुद्ध मंदिर, माथा कुंवर मंदिर, रामाभार स्तूप, वर्मा एवं म्यांमार मंदिर सहित अन्य बुद्ध मंदिर एवं राजकीय बौद्ध संग्रहालय सहित जश्न मनाने वालों के लिए सजकर तैयार है। सैलानी यहां पर आने के बाद भगवान बुद्ध की लेटी प्रतिमा का दर्शन करेंगे। माता कुंवर मंदिर होते हुए रामाभार स्तूप तक भ्रमण करेंगेे। होटल-रेस्तरां को भी दुल्हन की तरह सजाया गया है। इसके लिए अतिरिक्त ड्यूटी लगाया गया है। महापरिनिर्वाण बुद्ध में सैलानियों के लिए मुख्य गेट एवं वर्मी मंदिर की ओर से प्रवेश रहेगा और दक्षिण की तरफ पार्किंग स्थल की और निकास रहेगा। पुरातत्व विभाग की ओर से मंदिर परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर लिए गए हैं। रस्सी बांधकर बैरिकेडिंग की गई है ताकि सड़क से सैलानी भ्रमण करते हुए मंदिर परिसर से बाहर निकल जाएं। वहां स्मारक और घास पर रुकने का कोई इंतजाम नहीं है। प्रशासन ने जगह-जगह बैरिकेडिंग बनाकर तैयारी कर ली है। वहीं वर्मी मंदिर सैलानियों के लिए समृद्धि चैत्य सज धज कर तैयार है और उसके परिसर में लोगों के मनोरंजन के लिए झूले के साथ सैलानी सरोवर में नौकायन का भी लुप्त उठा सकेंगे। सड़क की पटरियों पर दूर-दराज से आकर्षक फूल एवं अन्य सामान बेचने के लिए दुकानदार अपनी दुकान सजाने में लगे हुए हैं। मेले के लिए बुद्ध द्वार से ही अंदर गाड़ियों का प्रवेश वर्जित रहेगा। लोग पैदल ही मंदिर मार्ग पर भ्रमण कर रामाभार स्तूप तक दर्शन कर सकते हैं। नववर्ष के आगाज पर कुशीनगर, महाराजगंज, देवरिया, गोरखपुर के अलावा बिहार राज्य के पड़ोसी जिले के लोग यहां पिकनिक मनाने के लिए आते हैं। लाखों की तादाद में लोग आकर यहां नववर्ष का आगाज करते हैं। जबकि, कुशीनगर में वर्ष नव वर्ष के मेले को संपन्न करने के लिए प्रशासन कड़ी सुरक्षा के इंतजाम हैं। जगह-जगह वाहनों की बैरिकेडिंग एवं पार्किंग की सुविधा दी जाती है। नगरपालिका की ओर से भीड़ की मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जगह-जगह मोबाइल टॉयलेट, पेयजल अन्य सुविधाएं की जाती हैं। प्रशासन अपनी पूरी सुरक्षा व्यवस्था के साथ सीसीटीवी कैमरे एवं ड्रोन कैमरे से मिला की गतिविधियों पर पहली नजर रखती है।