जौरा बाजार। नई शिक्षा नीति में विद्यार्थियों को उनकी रुचि के अनुसार मातृभाषा में पढ़ाई कराने की योजना है। इस तरह की शिक्षा से विद्यार्थियों की प्रतिभा में अपेक्षित निखार आएगा। इससे उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में सफलता हासिल करने में आसानी होगी। इसलिए कहा जा सकता है कि नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों की सफलता के लिए अपार संभावनाएं प्रदान करेगी।
ये बातें मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय गोरखपुर के कुलपति प्रोफेसर जेपी सैनी ने कहीं। वे रविवार को जौरा इंटर कॉलेज परिसर में भारतीय शिक्षण मंडल गोरक्ष प्रांत की तरफ से आयोजित शिक्षा चौपाल को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में विद्यार्थियों की जिस क्षेत्र में रुचि है, उसी में उन्हें आगे ले जाए जाने की बात कही गई है। इसलिए प्राचीन शिक्षा के साथ इनोवेशन को लेकर तैयार किया गया है। तकनीकी युग में विद्यार्थियों को विषय से संबंधित उन्हें जानकारी उपलब्ध कराने के लिए कई प्लेट फार्म तैयार किए गए हैं, जहां अभिभावक और शिक्षक उनकी प्रतिभा का निखार करने पर बल दे सकेंगे।
विद्यार्थियों को चाहिए कि वे संस्कारवान, चरित्रवान व धैर्यवान बनकर जीवन में सफलता के शीर्ष पर पहुंचने का प्रयास करें। चौपाल को यूएनपीजी काॅलेज की प्राचार्य डाॅ. ममता मणि त्रिपाठी, प्रदीप सिंह, उद्भव त्रिपाठी, विश्वामित्र त्रिपाठी, रामाश्रय प्रसाद, डाॅ. चंद्रशेखर सिंह, डाॅ. रामप्रीत मणि, डाॅ. कालिंदी त्रिपाठी, सुरेश प्रसाद गुप्ता, डाॅ.चंद्रप्रकाश सिंह आदि ने संबोधित किया। चौपाल का संचालन शोणभद्र इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अशोक कुमार गोड़ ने किया।
इस दौरान सुबोध पांडेय, विजय उपाध्याय, शिवेंद्र पांडेय, अंशुमान चतुर्वेदी, धर्मेंद्र सिंह, सुनील दत्त तिवारी, सुमन द्विवेदी, अनिल द्विवेदी, राजेश उपाध्याय, मनीष तिवारी, विनय तिवारी, सुरेंद्र सिंह कुशवाहा, बबलू राय, बिट्टन दूबे, प्रदीप दूबे, विकास चतुर्वेदी, रामेश्वर सिंह आदि आदि मौजूद रहे।