पडरौना। खड्डा ब्लॉक के कंपोजिट स्कूल शिवदत्त छपरा में एमडीएम खाने से बीमार बच्चों के मामले में बीएसए ने शनिवार को प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया और शिक्षकों का वेतन रोक दिया है। यह कार्रवाई तीन सदस्यीय जांच टीम की रिपोर्ट पर की है। रजिस्टर में एमडीएम चखने वाले का नाम तक दर्ज नहीं मिला। रसोई गैस सिलिंडर होने के बावजूद चूल्हे पर भोजन बनाया गया था। इसके अलावा और कई कमियां मिली हैं।
खड्डा ब्लॉक के संविलयन विद्यालय शिवदत्त छपरा में 22 फरवरी को एमडीएम में बने दाल पीट्ठा खाने से 30 बच्चों के पेट में दर्द शुरू हो गया। उनका नेबुआ नौरंगिया सीएचसी में इलाज कराया गया था। बीएसए ने तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच कराई। टीम ने अपनी रिपोर्ट बीएसए को सौंप दी। रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपोजिट स्कूल में नामांकित 265 के सापेक्ष 101 बच्चों की मौजूदगी काफी कम है। स्कूल में उस दिन मेन्यू के अनुसार रोटी-दाल की जगह दाल पीट्ठा बना था। स्कूल में चार रसोई गैस सिलिंडर होने के बावजूद चूल्हे पर एमडीएम का भोजन बनवाया गया था। रसोई घर के स्टोर में अधिक मात्रा में लकड़ी रखा था और लकड़ी के नीचे अग्निशमन यंत्र दबा हुआ था। किचन की छत व दीवार धुएं से काली हो गई थी। एमडीएम भोजन पंजिका में प्रतिदिन भोजन चखने वाले शिक्षक, रसोइया व अभिभावक का नाम व हस्ताक्षर नहीं था। घटना के दिन दिन भी पंजिका अपूर्ण मिली। विद्यालय के कार्मिक उपस्थिति पंजिका में किसी भी रसोईया की उपस्थिति का जिक्र नहीं था। स्कूल के शिक्षकों व शिक्षामित्र से घटना की जानकारी नहीं दे सके। प्रधानाध्यापक और अन्य शिक्षकों में सामंजस्य की कमी मिली।इसके अलावा जारी किया गया कारण बताओं नोटिस का जवाब भी 24 घंटे के अंदर नहीं दे सके। बीएसए ने प्रधानाध्यापक संध्या चौबे को निलंबित कर कर उसी स्कूल से संबद्ध किया है। कसया, फाजिलनगर और विशनपुरा बीईओ को जांच अधिकारी नामित कर तय समय के अंदर आख्या मांगा गया है। बीएसए ने विद्यानंद चौहान, राकेश कुमार सिंह यादव, नदीम अख्तर अंसारी व सूर्य प्रकार्श मौर्य सहायक अध्यापक और रमेश प्रसाद व शकुंतला शर्मा शिक्षामित्र संविलयन विद्यालय-शिवदत्त छपरा का वेतन व मानदेय तत्काल प्रभाव से रोककर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। संतोषजनक जवाब न देने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी है।
-जांच रिपोर्ट के अनुसार प्रधानाध्यापक की लापरवाही सामने आई है। उसे निलंबित कर दिया गया है। बाकी लापरवाह शिक्षक और शिक्षा मित्रों का वेतन और मानदेय रोक दिया गया है। पुन: जांच के लिए टीम गठित की गई है। जांच में कई अनियमितताएं मिली हैं। -डॉ. रामजियावन, बीएसए