श्रद्धा से मनाई गई नाग पंचमी, मंदिरों और घरों में पूजे गए नागदेव
दूध-लावा चढ़ाकर सर्पदोष से बचने के लिए की प्रार्थना
पडरौना। नागपंचमी मंगलवार को जिले में आस्था के साथ मनाई गई। घरों से लगायत मंदिरों तक नागदेव पूजे गए। खेतों में भी लोगों ने दूध-लावा चढ़ाकर पूजा-अर्चना की। मंदिरों में श्रद्धालुओं की ज्यादा भीड़ रही।
नागपंचमी परंपरागत ढंग से मनाई गई। सुबह घरों और मंदिरों की साफ-सफाई की गई। उसके बाद लोगों ने नागदेवता को प्रसन्न करने के लिए कटहल के पत्ते पर दूध-लावा चढ़ाया और पूजा-अर्चना की। पडरौना शहर सहित ग्रामीण इलाकों में लोगों ने घरों और मंदिरों में नागदेवता की पूजा-अर्चना की और परिवार को नागदोष से मुक्त रखने की प्रार्थना की।
तमकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाने वाली नागपंचमी के अवसर पर सेवरही, राजपुर, विरवट कोंहवलिया, अवदान टोला, दुबौली, टिकुलिया, मिश्रौली, पकड़ियार पूरबपट्टी, दाहूगंज, सुमही संतपट्टी, गौरीनगर और कत्तौरा सहित अन्य गांवों में यह त्योहार परंपरागत ढंग से मनाया गया। लोगों ने अभिमंत्रित किए गए सरसों, बालू और गोबर के मिश्रण से अपनी घरों की दीवारों पर नागदेवता की आकृति बनाकर पूजा की और दूध लावा चढ़ाया। पंडित नागेंद्रनाथ द्विवेदी ने बताया कि नागपंचमी से हिंदू त्योहारों की शुरुआत होती है। नाग सुख-समृद्धि के द्योतक माने जाते हैं। इसलिए इस दिन नाग की पूजा करने और उन्हें दूध लावा चढ़ाने से परिवार में सुख समृद्धि आती है और सर्प दोष से मुक्ति मिल जाती है।