पडरौना ब्लाॅक के सेमरा हर्दो गांव में आग लगने से जली झोपड़ी।
तुर्कपट्टी। कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के सेमरा हरदो गांव में बृहस्पतिवार की रात रिहायशी झोपड़ी में आग लगने के दौरान एक बेटे को पिता ने जान पर खेलकर बचा लिया, लेकिन दूसरे बेटे को बचाने में माता-पिता दोनों झुलस गए। आंखों के सामने ही छोटे बेटे की आग में जिंदा जलकर मौत हो गई। बेटे की मौत से मां सदमे में है। जबकि आग से झुलसे पिता मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं। आग के बीच घिरे बेटे की तड़प को यादकर मां बदहवास हो जा रही है।
हरिलाल के दो बेटे पुणे में रहकर फैक्ट्री में काम करते हैं। निखिल और लड्डू घर पर ही रहते थे। जिस रात यह घटना हुई, उस समय हरिलाल और उनकी पत्नी फूलमति दोनों झोपड़ी के बाहर पहरेदारी के लिए सो रहे थे। आधी रात के बाद अचानक लगी आग से उनके दोनों बेटे निखिल और लड्डू आग की लपटों के बीच घिर गए। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर जब पति-पत्नी की नींद खुली तो आग को देख वह भी शोर मचाने लगे। किसी तरह बड़े बेटे निखिल को तो हरिलाल ने बचा लिया, लेकिन जब छोटे बेटे लड्डू को बचाने के लिए झोपड़ी के अंदर गए तो वह भी आग की चपेट में आकर झुलस गए। छोटे बेटे को तड़पता देख मां फूलमति उसे बचाने अंदर गई तो वह भी आंशिक रूप से झुलस गई। आंखों के सामने ही आठ वर्षीय छोटे बेटे की जिंदा जलकर हुई मौत से फूलमती सदमे में है। आग से झुलसने के कारण हरिलाल मेडिकल कॉलेज में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। उस रात की घटना को याद कर फूलमती दहाड़े मारकर रो रही हैं। बेहद ही गरीब हरिलाल मेहनत मजदूरी कर बच्चों का पालन पोषण करता है। बेटे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
0
पीड़ित परिवार की मदद को बढ़े हाथ
घटना के बाद एडीएम वैभव मिश्र, तहसीलदार पडरौना सुमित सिंह, लेखपाल मीनू सिंह ने मौके पर पहुंच परिवार को सांत्वना दी और शीघ्र राहत सामग्री के साथ अहेतुक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। ग्रामप्रधान मोहन खरवार ने बताया कि विधायक सदर की ओर से तिरपाल, बाल्टी, थाली आदि की व्यवस्था की गई है। उनकी तरफ से भोजन का प्रबंध किया गया है। पीड़ित परिवार के हरिलाल, छांगुर, लालजी को प्रधानमंत्री आवास दिलाने की व्यवस्था की जाएगी।