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Kushinagar News: समय रहते नहीं की तैयारी तो इस बरसात भी डूबेंगे कई मोहल्ले

Sat, 20 May 2023 12:33 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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पिछली बरसात में भी नौका टोला में हो गया था घुटने भर जलभराव, घरों में घुस गया था पानी
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तिलकनगर, गरुण नगर, अंबे चौक, छावनी सहित कई मोहल्लों में बारिश के बाद हो जाता है जलभराव
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। मानसून आने में एक महीने की देर है, लेकिन शहर में जलभराव से निजात दिलाने के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं हो पाया है। नाले भी चोक हैं। ऐसे में समय रहते जलभराव से बचाव का इंतजाम नहीं किया गया तो अंबेडकर नगर, तिलक नगर, गरुण नगर, अंबे चौक, छावनी सहित कई मोहल्लों के लोगों को फिर से जलभराव से जूझना पड़ सकता है।
बरसात अभी दूर है, लेकिन उसका जिक्र सुनते ही इन मोहल्लों के लोगों के माथे पर पसीना आ जा रहा है। नगर पालिका प्रशासन से शहर के लोगों की उम्मीद है कि इस बार जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए ठोस कदम उठाया जाएगा, जिससे बार-बार की जलभराव की समस्या से निजात मिल सके।
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नई कॉलोनी बसी थी, फिर भी बरसात में होता है जलभराव
पडरौना शहर के रामकोला रोड के किनारे 25 वर्ष पहले नई कॉलोनी बसाई गई थी। अलग-अलग फेज में बसी यहां की कॉलोनियों में जलनिकासी का समुचित इंतजाम नहीं हो पाया। चूंकि, रामकोला रोड एनएच-28बी भी है, जिसकी ऊंचाई इस कॉलोनी की सड़कों से करीब दो फीट अधिक है। ऐसे में बारिश का पानी इस कॉलोनी में भर जाता है। यह स्थिति बरसात के दिनों में अधिक होती है। यदि बारिश कई दिनों तक होती रह गई तो फिर क्या कहने। लोगों जलभराव युक्त सड़क से होकर ही आना जाना पड़ता है। यह पॉश कॉलोनी मानी जाती है।

छावनी में भी लगता है घुटने तक पानी
पडरौना शहर की एक बड़ी आबादी वाला छावनी मोहल्ला भी है। इस मोहल्ले में तहसील से पहले कसया रोड से निकलकर बीच मोहल्ले से होते हुए मोगलपुरा में मिलने वाली सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त केवल इसलिए हो गई, क्योंकि बरसात के दिनों में बारिश का पानी इस सड़क पर घुटने तक भर जाता है। उस दशा में इस रास्ते गुजरना काफी दूभर होता है। नालियां जाम होने के कारण जलनिकासी नहीं हो पाती, जिससे जलभराव की स्थिति घंटों तक बनी रहती है। जिनके घर का स्तर सड़क से नीचे है, उनके घरों में नालियों का गंदा पानी भी घुस जाता है।

तिलकनगर का हाल भी बुरा
पडरौना शहर का तिलकनगर पॉश कॉलोनियों में गिना जाता है, लेकिन बरसात के दिनों में इस मोहल्ले की हालत भी बदतर हो जाती है। यहां बरसात की कौन कहे, इस समय गर्मी के दिन में भी खाली पड़े आवासीय प्लॉटों में एक से दो फीट तक पानी भरा हुआ है। जलभराव और गंदगी के कारण मच्छर पनप रहे हैं, जिससे लोगों को मच्छरजनित बीमारियों के पनपने की चिंता बनी हुई है। बरसात के दिनों में तो यह मोहल्ला टापू की तरह दिखने लगता है। सड़क और आवासीय प्लाॅटों में पानी भरा होता है। उसके बीच मकान ही नजर आते हैं। यह समस्या साल दर साल बनी रहती है, लेकिन जिम्मेदार ध्यान नहीं देते।

नौका टोला में घुटने तक हो जाता है जलभराव, घरों में घुस जाता है गंदा पानी
पडरौना शहर में एनएच-28बी के किनारे स्थित नौका टोला (आंबेडकर नगर) की दशा और भी दयनीय हो जाती है। इस मोहल्ले का दूषित पानी बरसात के दिनों में निकल नहीं पाता है। नतीजा यह होता है कि पूरे मोहल्ले में घुटने तक पानी भर जाता है। इस मोहल्ले में जिनके घर नीचे हैं, उनके घरों में नालियों का गंदा पानी चला जाता है। उसके साथ कीड़े-मकोड़े भी घरों में प्रवेश कर जाते हैं। हालत यह होती है कि लोगों को न तो घरों में रहते बनता है और न बाहर। यहां के लोगों की मानें तो अब तक इस मोहल्ले की नालियों और पुलियों की सफाई नहीं हुई है, जिससे जलभराव से छुटकारा मिल सके। यहां के लोग अभी से चिंतित हैं कि यदि समय रहते नालों और नालियों की सफाई नहीं कराई गई तो जलभराव का सामना इस बार भी करना पड़ेगा। गरुण नगर के लोग भी होते हैं परेशान
बरसात में शहर के गरुणनगर मोहल्ले के बाशिंदों की दुश्वारियां भी बढ़ जाती हैं। क्योंकि नालों और नालियों की सफाई न होने के कारण बरसात का पानी निकल नहीं पाता। इससे मोहल्ले में जलभराव हो जाता है। लोगों का अपने घरों से बाहर निकलना भी दूभर हो जाता है।

अंबे चौक के लोग बोले, कई बार की गई शिकायत, दूर नहीं हुई समस्या
अंबे चौक के व्यवसायी और वहां निवास करने वाले लोग भी काफी परेशान हैं। उनका कहना है कि बरसात की कौन कहे साहब, यहां तो किसी भी मौसम में तेज बारिश हो गई तो जलभराव हो जाता है। स्थिति यह हो जाती है कि पता ही नहीं चलता कि किधर से निकलें। बाइक, ई-रिक्शा और ऑटो अक्सर पलट जाते हैं, जिससे कपड़े तो खराब होते ही हैं, लोग चोटिल भी हो जाते हैं। यहां जलभराव से निजात दिलाने के लिए अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकृष्ट कराया गया, लेकिन समस्या अभी तक दूर नहीं हुई है।

परिचर्चा-
हमारा तो घर ही नौका टोला में है। यहीं दुकान खोलकर गुजर-बसर करते हैं। बरसात के दिनों में घुटने तक पानी भर जाता है। पिछले साल भी कई दिनों तक पानी भर रहा। इसका नुकसान यह हुआ कि नाली के रास्ते गंदा पानी घर में घुस गया था। काफी परेशानी हुई। इस साल भी डर है कि कहीं बरसात में जलभराव का सामना न करना पड़े।
राजाराम, नौका टोला

बरसात का मौसम हमारे लिए अभिशाप के जैसा होता है। पूरे बरसात मोहल्ले में पानी भरा रहता है। कोई रास्ता नहीं होता है, जिससे हम लोग आसानी से बाजार जा सकें और वहां से घर वापस आ सकें। हर साल की यही स्थिति रहती है।
-गोविंद मोदनवाल, नौका टोला

अंबे चौक पर बरसात के मौसम में जलभराव हो जाता है। स्थिति यह हो जाती है कि घुटने तक पानी भरा होने के कारण राहगीर रास्ता बदलकर आते-जाते हैं। जलभराव से निजात दिलाने के लिए कई बार आवास उठाई गई, लेकिन परिणाम शून्य रहा।
-विशाल जायसवाल, व्यवसायी अंबे चौक

शहर के अधिकतर नाले जाम हैं। इस वजह से शहर का पानी निकल नहीं पाता है और जलभराव की समस्या उत्पन्न हो जाती है। नगरपालिका प्रशासन से उम्मीद करते हैं कि इस बार बरसात से पहले ठोस रणनीति बनाकर इस समस्या से निजात दिलाने की कोशिश की जाएगी।
-अजय कुमार सिंह, प्रतापनगर (चौरिया)

हमारा पडरौना में बाजार करने और अन्य जरूरतों से रोज आना-जाना रहता है। अभी तो ठीक है, लेकिन बरसात में अंबे चौक पर जलभराव हो जाता है। वह भी इतना कि पानी में पता ही नहीं चलता कि कहां चल रहे हैं। अक्सर ही असंतुलित होकर लोग गिर जाते हैं। यह समस्या कई वर्षों से है।
-शंकर यादव, पचफेड़ा
मुझे तो पडरौना शहर में रहते एक उम्र बीत गई। जलभराव से निजात दिलाने के लिए किसी ने ध्यान नहीं दिया। बरसात में कोई ऐसा मोहल्ला नहीं है, जहां जलभराव नहीं होता है। उस समय बरसात का मौसम काटना बड़ा मुश्किल होता है।
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-जदुई मोदनवाल, रामकोला रोड
कोट
नवनिर्वाचित नगर पालिका अध्यक्ष बोले
पडरौना शहर में बरसात के समय जलभराव की समस्या न हो, इस पर अभी से काम शुरू कर दिया गया है। बड़े नालों की सफाई का काम शुरू करा दिया गया है। पोकलेन मंगाई जा रही है, ताकि बड़े नालों की गहराई से सफाई कराई जा सके तथा सायफन भी साफ करा दिया जाए। इससे मोहल्लों का पानी सायफन के रास्ते शहर से बाहर निकल जाएगा। जो मोहल्ले निचले हिस्सों में हैं और जलभराव अधिक होता है, वहां से भी पानी निकालने के लिए विधिवत व्यवस्था बनाई जा रही है।
-विनय जायसवाल, नवनिर्वाचित अध्यक्ष, नगरपालिका परिषद, पडरौना
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