संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की स्थापना कृषि क्षेत्र के विकास के लिए सराहनीय पहल है। इससे कृषि क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन होने के साथ आधुनिक खेती को बढ़ावा मिलेगा।
कृषि से जुड़े लोगों की मानें तो यहां कृषि विश्वविद्यालय खुलने से शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रसार तीनों को बल मिलेगा। विभिन्न तकनीकों में किसानों को प्रशिक्षित किया जाएगा। अनाज, दलहन, तिलहन, केला, सब्जी सहित अन्य फसलों के बारे में किसानों युवाओं को सटीक जानकारी मिलेगी। इससे वैज्ञानिक तरीके से खेती करने काे बढ़ावा मिलेगा।
कृषि विज्ञान केंद्र सरगटिया के प्रभारी अशोक राय ने बताया कि सरकार जिले में कृषि विश्वविद्यालय देकर बहुत बड़ा उपहार दी है। कुशीनगर कृषि आधारित जिला है। यहां काफी संख्या में किसान कृषि कार्य करते हैं। यहां के किसानों के बच्चे बाहर पढ़ाई करने जाते हैं। कृषि विश्वविद्यालय होने से यहां के किसान अब वैज्ञानिक तरीके से खेती करने में माहिर हो जाएंगे। किसानों की आय और पैदावार दोनों बढ़ेगी।