पडरौना। गलत इंजेक्शन लगाने से गर्भवती महिला का गर्भपात हो गया। संक्रमण की वजह से महिला की बच्चेदानी निकालनी पड़ी। आंत में अब भी संक्रमण है, जिसका इलाज दूसरे अस्पताल से चल रहा है। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात डॉक्टर और अस्पताल संचालक पर केस दर्ज कर लिया है। वहीं, सीएमओ के निर्देश पर जांच के लिए तीन वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम गठित की गई है। कार्रवाई के बाद संचालक अस्पताल से गायब है।
बताया जा रहा है कि बरवापट्टी थाना क्षेत्र के गौरीशुक्ल गांव निवासी दिनेश कुमार की पत्नी नीतू देवी चार माह की गर्भवती थी। 5 अगस्त 2023 को उसके पेट में अचानक दर्द शुरू हुआ। दिनेश पत्नी को लेकर सेवरही कस्बे के जनता हाॅस्पिटल में पहुंचेे। उनका आरोप है कि इलाज के दौरान डॉक्टर ने गलत इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगाने के कुछ देर बाद गर्भपात हो गया। भ्रूण को निकालने के दौरान डॉक्टर ने गलत तरीका अपनाया। इसके चलते महिला की तबीयत और बिगड़ गई। इस वजह से बच्चेदानी निकालनी पड़ी। वह कभी मां नहीं बन पाएगी। उसका इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है। अस्पताल संचालक पर इसके एवज में 50 हजार से अधिक रुपये की वसूली का आरोप है।
दिनेश की शिकायत पर सेवरही पुलिस ने अस्पताल के अज्ञात संचालक और अज्ञात डॉक्टर पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। वहीं सीएमओ के निर्देश पर इसकी जांच डॉक्टरों की टीम कर रही है। डॉक्टरों की टीम में महिला डॉक्टर नीलकमल, चेेस्ट फिजिशियन डॉ. उपेंद्र चौधरी और सर्जन डॉ. बीरेंद्र कुमार शामिल हैं। दरोगा आशुतोष जायसवाल ने बताया कि केस दर्ज कर विवेचना की जा रही है।