प्रतिमा विसर्जन के लिए हो तालाबों का प्रयोग : डीएम
- आगामी त्योहारों और बाढ़ को देखते हुए डीएम ने दिए अफसरों को निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। बाढ़ एवं आगामी त्योहारों को लेकर डीएम ने सोमवार की देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक की। इस बैठक में शामिल अधिकारियों को दीपावली के बाद मूर्ति विसर्जन नदियों के बजाय तालाबों में करने के लिए लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिया। बाढ़ के संबंध में भी उन्होंने जरूरी निर्देश दिए।
डीएम एस. राजलिंगम ने कहा कि मूर्ति विसर्जन के लिए नदियों के स्थान पर तालाबों का प्रयोग करने के लिए लोगों को जागरूक करें। दीपावली के लिए पटाखों की दुकानों व गोदामों को आबादी से दूर लगवाएं। जहां पटाखों की खरीद या बिक्री हो, वहां फायर टेंडर के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं। पुलिस बल की सक्रियता भी बनी रहे। पटाखों की दुकान खुले स्थान पर हो। इन्हें लाइसेंस या एनओसी समय से जारी कर दिया जाएं। त्योहारों के दौरान बिजली आपूर्ति सुचारु रूप से रखी जाए। कहीं से भी अनावश्यक कटौती की शिकायत नहीं आनी चाहिए। इसकी नियमित समीक्षा की जाए।
डीएम ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ राहत चौकियों को सक्रिय रखें। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएसी तथा आपदा प्रबंधन की टीमें चौबीस घंटे सक्रिय रहें। आपदा प्रबंधन मित्र, सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों की आवश्यकतानुसार सहायता ली जानी चाहिए। नौकाओं, राहत सामग्री आदि का पर्याप्त प्रबंध रखें। ग्रामीण व नगरीय क्षेत्र में व्यापक स्वच्छता, सैनीटाइजेशन और फॉगिंग का कार्य मिशन मोड में किया जाए। अतिरिक्त मानव शक्ति की जरूरत हो तो समय से प्रबंध करें।
डीएम ने एसडीएम खड्डा और तमकुहीराज को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में फसल सर्वेक्षण का कार्य शीघ्र पूरा कर रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया। त्योहारों के इस उल्लासपूर्ण माहौल में लोगों की आवाजाही के दृष्टिगत परिवहन निगम की ओर से ग्रामीण रुट पर बसों की संख्या बढ़ाई जाए। बैठक में सीडीओ गुंजन द्विवेदी, सभी एसडीएम, बीडीओ और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
सीएम की प्राथमिकता वाले कार्यों को निर्धारित समय में करें पूरा
पडरौना। कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को डीएम की अध्यक्षता में अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें मुख्यमंत्री के महत्वपूर्ण विकास से संबंधित 37 बिंदुओं की समीक्षा की गई।
बैठक में डीएम ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, निराश्रित गोवंश को संरक्षित करना, पशु टीकाकरण कार्यक्रम, निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, परिवार नियोजन के लिए मासिक समीक्षा, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, टीकाकरण की प्रगति, सामुदायिक शौचालय, पंचायत भवन व आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण की स्थिति समेत अन्य बिंदुओं पर समीक्षा की।