- सुबह से ही होने लगा दोपहर का एहसास, तापमान 44 डिग्री तक पहुंचा
- धूप की वजह से लोग घरों से बाहर निकलने में कर रहे परहेज
- गर्मी बढ़ने से बिजली की खपत में हुआ इजाफा
- तल्ख मौसम में बुखार, खांसी, गले में इंफेक्शन का बढ़ा खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। शहर के रहने वाले संतोष कुमार पेशे से कपड़ा व्यवसायी हैं। इनका कहना है कि इन दिनों इतनी गर्मी पड़ रही है कि पिछले वर्ष का रिकार्ड भी टूट गया है। क्योंकि फरवरी से ही गर्मी पड़नी शुरू हो गई। अप्रैल का महीना है, लेकिन गर्मी मई-जून वाली पड़ रही है। धूप की वजह से कहीं बाहर नहीं निकल पाते हैं। घर से सीधे प्रतिष्ठान पर आते हैं। शाम होने के बाद ही कहीं जाने की हिम्मत होती है। इस गर्मी में बिजली भी रह-रहकर कट जा रही है।
यह समस्या केवल संतोष कुमार के साथ नहीं है, बल्कि हर उस नागरिक की है, जो शहर का निवासी है। इन दिनों धूप की तपिश इतनी तेज हो गई है कि अप्रैल में ही मई-जून की गर्मी का एहसास होने लगा है। तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। ऐसे मौसम में लोग घरों से बाहर निकलने से परहेज कर रहे हैं। धूप में लोग कामकाज पर जाने से बच रहे हैं। इन दिनों कभी फाल्ट तो कही आवश्यक कटौती के चलते शहर में ही बिजली कट जा रही है, जिससे उमस भरी गर्मी में लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बीमार लोगों की परेशानी तो और भी ज्यादा बढ़ जा रही है।
इस मौसम में शीतल पेय पदार्थों की मांग बढ़ गई है। डॉक्टरों की मानें तो इन दिनों बुखार, खांसी, गले का इंफेक्शन, दमा और सांस संबंधी अन्य बीमारियों की चपेट में आने लगे हैं। इसके अलावा तेज धूप का असर सब्जियों पर पड़ रहा है। इसके पौधे सूखने लगे हैं। गर्मी अधिक बढ़ने के कारण बिजली खपत भी बढ़ गई है। यह 350 एंपियर से बढ़कर 450 एंपियर तक पहुंच गई है।
इस साल फरवरी से ही मौसम गर्मी बढ़ने लगी थी। मार्च के बाद अप्रैल में तो इतनी गर्मी बढ़ गई है कि मई-जून की गर्मी का एहसास होने लगा है। दिन में लू और धूप से बचाव के लिए लोग घरों से कम निकल रहे हैं। जरा सी असावधानी लोगों की सेहत बिगाड़ दे रही है।
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बिजली भी दे रही दगा-
बेतहाशा गर्मी में बिजली की खपत भी बढ़ गई है। क्योंकि एसी, कूलर, पंखे चलने से इसकी मांग अधिक है। इसके अलावा फाल्ट की समस्या आने पर बिजली अक्सर कट जा रही है। नतीजा यह हो रहा है कि गर्मी और उसम से परेशान लोगों की परेशानी बिजली कटौती और अधिक बढ़ा दे रही है। शहर से सटे ग्रामीण इलाकों में तो बिजली सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक कट रही है। क्योंकि इन दिनों आगलगी की घटनाएं अत्यधिक बढ़ गई हैं। शार्टसर्किट की वजह से भी आग लग रही है। ऐसे में बिजली निगम की तरफ से सुबह ही बिजली काट दी जा रही है। पडरौना के श्रवण गुप्ता, छावनी के संतोष जायसवाल, जटहां बाजार रोड निवासी मनीष सिंह सहित कई लोगों ने बताया कि गर्मी में बिजली कटने से समस्या और अधिक बढ़ जा रही है। पडरौना के एसडीओ भोलानाथ ने बताया कि अत्यधिक गर्मी के कारण बिजली की खपत बढ़ गई है। इसके अलावा फाल्ट की समस्या भी उत्पन्न हो जा रही है। उस स्थिति में बिजली कट रही है। ऊपर से बिजली कट जाए, तब भी आपूर्ति बाधित हो जा रही है।
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झुलसाती गर्मी से राहत के लिए पानी का सहारा-
बदल झुलसाने का एहसास कराने वाली इस गर्मी में लोग परेशान हो चले हैं। पडरौना शहर में लगी टोटियों पर कोई मुंह धोता दिखा तो कहीं सिर पर गमछा रखकर चल रहा था। बिना आवश्यकता के लोग इस गर्मी से घरों से बाहर निकलने में परहेज कर रहे हैं।
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शीतल पेय पदार्थों की मांग बढ़ी-
गर्मी बढ़ने के कारण अब शीतल पेय पदार्थों की मांग बढ़ गई है। कोल्डड्रिक, शर्बत, शिकंजी, आइसक्रीम, तरबूज आदि खरीद रहे हैं। ताकि गर्मी से निजात पाई जा सके।
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डॉक्टर बोले अत्यधिक गर्मी में बुखार, गले में संक्रमण और खांसी के मरीज बढ़े- पडरौना के पुरुष एवं नेत्र चिकित्साधिकारी के प्रभारी डॉ. संजीव सुमन ने बताया कि अत्यधिक गर्मी के कारण बुखार के मरीज बढ़े हैं। इसके अलावा खांसी, गले में संक्रमण की चपेट में लोग आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि अचानक धूप में न जाएं। यदि जाना पड़े तो पहले भरपूर पानी पीएं।
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सब्जियों पर भी पड़ रहा असर, छा गई है महंगाई
तेज धूप का असर सब्जियों की पैदावार पर भी पड़ रहा है। उसके पौधे सूखने लगे हैं। इस वजह से सब्जियों का दाम भी बढ़ गया है। इसका असर लोगों की जेब पर पड़ रहा है।
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बढ़ गई है बिजली की खपत- पडरौना बिजली घर के एसडीओ भोलानाथ ने बताया कि बेतहाशा गर्मी अभी से पड़ने लगी है। इस वजह से बिजली की खपत बढ़ गई है। पहले शहर में 350 एंपियर बिजली की खपत थी, जो अब बढ़कर 450 एंपियर हो गई है। क्योंकि एसी, कूलर आदि का उपयोग बढ़ गया है।
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परिचर्चा-
गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ गई है। दिन के दस बजे से ही धूप तेज होने लग रही है। इस कारण घर से बाहर निकलने के पहले कई बार सोचना पड़ रहा है।
संजय जायसवाल, पडरौना 00000
गर्मी से बचने के लिए बाहर निकलने से पहले भरपूर पानी पीकर निकलते हैं। परिवार के बच्चों को भी सख्त हिदायत दी गई है कि बेवजशह घूमने न जाएं। क्योंकि लापरवाही से बीमार पड़ सकते हैं।
प्रदीप मोदनवाल, पडरौना 00000
मौजूदा समय में गर्मी से राहत पाने के लिए उपभोक्ता अपनी क्षमता के अनुसार पंखे, कूलर अथवा एसी का उपयोग करना चाह रहे हैं, लेकिन बिजली ही कट जा रही है। फाल्ट के नाम पर भी बिजलआी कटौती हो रही है।
रामलखन यादव, परसौनी 0000
गर्मी में बिजली कटौती से परेशानी बढ़ जा रही है। क्योंकि एक तो गर्मी के चलते वैसे ही लोग पसीने से तर बतर हो जा रहे हैं, पंखे न चलने पर गर्मी से राहत भी नहीं मिल पा रही है। बाहर आग बरस रही है तो दुकान में उमस भरी गर्मी से जूझना पड़ रहा है।
संतोष कुमार, व्यवसायी