पडरौना। पडरौना शहर के साहबगंज मोहल्ले के निवासी एक युवक को दो दिन पहले पुलिस ने फर्जी निर्वाचन और आधार कार्ड बनाने के आरोप में हिरासत में लिया है। हिरासत में लिए गए युवक से पुलिस की पूछताछ में कई और मामलों का खुलासा हुआ है। इसमें युवक ने न सिर्फ निर्वाचन और आधार कार्ड फर्जी बनाया है बल्कि उसके बनाए फर्जी मार्कशीट से शिक्षा विभाग में कई लोग नौकरी कर रहे हैं। युवक का गोरखपुर, देवरिया और कुशीनगर जिले में फर्जी मार्कशीट बनाने वालों से तार जुड़ा है। अब पुलिस फर्जी मार्कशीट बनाने वाले गिरोह की तलाश में जुटी हुई है। सूत्रों की मानें तो पूछताछ के बाद कई अन्य लोग भी रडार पर आए हैं।
विशुनपुरा थाना क्षेत्र के दुदही नगर पंचायत का दंपती महिलाओं का समूह बनाकर माइक्रो फाइनेंस कंपनी से कर्ज दिलाता था। उसके बाद कम दिन में अधिक रकम देने का लालच देकर रुपये ले लेता था। दंपती पर 80 लाख रुपये फर्जीवाड़ा करने का आरोप है। फाइनेंस कंपनी से कर्ज दिलाने में फर्जी वोटर आईडी और आधार कार्ड का प्रयोग किया जाता था। ये फर्जी वोटर और आधार कार्ड नौका टोला में कंप्यूटर की दुकान चलाने वाला शहर के साहबगंज मोहल्ले का युवक मुहैया कराता था। पुलिस ने जब जांच का दायरा बढ़ाया तो कई और लोग भी रडार पर आ गए। पुलिस की पूछताछ में निर्वाचन व आधार कार्ड बनाने के अलावा फर्जी मार्कशीट बनाने की भी बात सामने आई है। उसकी बनाई मार्कशीट को लगाकर कुछ लोग शिक्षा विभाग में नौकरी भी कर रहे हैं। मार्कशीट बनाने के बदले उसे अच्छी खासी रकम भी मिलती थी। फर्जी मार्कशीट बनाने वालों का देवरिया, गोरखपुर और कुशीनगर में गिरोह भी है। पूछताछ में जानकारी होने के बाद पुलिस अब फर्जी मार्कशीट बनाने वालों की तलाश में जुट गई है। माना जा रहा है कि जल्द ही इस मामले में पुलिस पर्दाफाश कर सकती है। इस संबंध में एएसपी रितेश कुमार सिंह ने बताया कि फिलहाल युवक को हिरासत में लेकर मामले में पूछताछ की जा रही है।