समउर बाजार। ईश्वर तक पहुंचने का सबसे सरल मार्ग प्रेम है। क्योंकि भगवान हमेशा अपने भक्तों के प्रेम में बंधे रहते हैं। उन्हें जो भी हृदय से निश्चल होकर पुकारता है, वे उन्हें दर्शन जरूर देते हैं।
ये बातें कथा वाचक आचार्य संतोष भारद्वाज ने कहीं। वे सोमवार को बिहार खुर्द बंगला टोला पंचायत भवन परिसर में श्रीमद्भागवत आत्म कथा में भगवान की महिमा की कथा सुना रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रभु अनंत व स्वतंत्र हैं, लेकिन वे भक्ति के आगे आशक्त हो जाते हैं। अयोध्या धाम से पधारे महात्मा शारदानंद ने कहा कि ईश्वर कि ज़ब कृपा होती है, तभी संतों का सानिध्य और हरि कथा सुलभ होती है। ज़ब संत मिल जाए तो निश्चय ही भगवान के दर्शन मिलेंगे। कथा का शुभारंभ पूर्व ब्लॉक प्रमुख डॉ. विजय कुमार राय ने व्यास पीठ की पूजन और कथा वाचक को तिलक लगाकर की। इस दौरान सागर खरवार, घनश्याम खरवार, आनंद, विशाल, नागेश्वर खरवार, विनय खरवार, नंदन कुशवाहा, राधे गुप्ता, रामप्रीत राव, सुनील सिंह, रविंद्र शर्मा, धुरंधर चौहान, प्रिंस खरवार आदि मौजूद रहे।