मंसाछापर। जन्माष्टमी के दूसरे दिन मिश्रौली गांव में लगने वाले डोल मेले को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मंगलवार को भगवान श्रीकृष्ण का डोल निकलेगा। डोल मेला को सकुशल संपन्न कराने में पुलिस टीमें लगी हैं।
साल 2003 में डोल उठाने को लेकर हुए विवाद के बाद मिश्रौली गांव चर्चा में आया था। उस वक्त 18 गांवों के डोल को प्रशासन ने कब्जे में ले लिया था। 15 दिन बाद हालात काबू में आने पाने पर अधिकारियों ने सभी डोल को वापस मंगाकर मेला लगवाया था। उसके अगले साल 2004 में फिर मिश्रौली डोल मेले के दौरान हुए बवाल के बाद एक दर्जन से अधिक गांवों में कर्फ्यू लगाना पड़ा था। पहली बार गांवों में कर्फ्यू लगाने की स्थिति उत्पन्न हुई थी।
उस दौरान तमाम लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया था। नौ अधिकारियों व कर्मचारियों पर निलंबन की कार्रवाई भी की गई थी। देवरिया जिला कारागार में बंद लोगों से मिलने जा रहे तत्कालीन सांसद गोरखपुर व वर्तमान सीएम योगी आदित्यनाथ को भी रोक दिया गया था। इसके विरोध में लोगों ने प्रदर्शन भी किया। हालांकि, इसके बाद मेले को लेकर कोई विवाद नहीं हुआ। तब से सुरक्षा के कड़े इंतजाम के बीच मिश्रौली का डोल जुलूस निकाला जाता है।
मंगलवार को निकलने वाले डोल जुलूस को लेकर प्रशासनिक अफसरों ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। चप्पे-चप्पे पर पुलिस के जवानों को तैनात किया जाएगा। अराजकतत्वों पर कड़ी निगरानी रखने के लिए सादी वर्दी में पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे।