खड्डा चीनी मिल को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ऑनलाइन मॉनीटरिंग सिस्टम लगाने का निर्देश दिया है। 19 मार्च तक बोर्ड के आदेश का पालन करना जरूरी है। यदि इसका पालन नहीं होता है तो मिल में पेराई पर रोक भी लग सकती है। ऐसे में पहले से परेशान गन्ना किसानों के सामने एक और संकट खड़ा हो सकता है।
खड्डा मिल से करीब 20 हजार गन्ना किसान जुड़े हैं। अभी भी बहुत से किसानों का गन्ना खेतों में पड़ा है। पेराई सत्र अभी बाकी है, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इस चीनी मिल को ऑनलाइन मॉनीटरिंग सिस्टम लगाने का निर्देश दिया है, जिसे मिल ने अभी तक पूरा नहीं किया है।
डीएम लोकेश एम ने बताया कि मिल को पिछले पेराई सत्र में ही यह सिस्टम लगाने का निर्देश मिला था, लेकिन मिल ने उसका पालन नहीं किया। उसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से नोटिस भी दिया गया है। इस मामले में मिल को 19 मार्च तक का समय दिया गया है।
किसान इस बात को लेकर चिंतित हैं कि यदि मिल ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देश का पालन नहीं किया तो मिल प्रबंधन के विरुद्ध कार्रवाई हो सकती है। यहां तक कि मिल बंद होने की नौबत भी आ सकती है। ऐसे में किसानों के गन्ने की फसल का क्या होगा?
इस संबंध में जिला गन्ना अधिकारी खुशीराम का कहना था कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मिल को पूर्व में नोटिस भेजकर आवश्यक उपाए करने के निर्देश दिए गए थे। मिल की ओर से नोटिस का अनुपालन समय रहते नहीं किया गया। 19 मार्च तक ऐसा नहीं हुआ तो मिल बंद हो सकती है।