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Kushinagar News: अधिवक्ता के हत्यारे को आजीवन कारावास की सजा

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अधिवक्ता के हत्यारे को आजीवन कारावास की सजा
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- घटना के लगभग नौ साल बाद न्यायालय ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। करीब नौ साल पहले कसया जामा मस्जिद में जुमा की नमाज अदा कर आ रहे एक अधिवक्ता की धारदार हथियार से हुई हत्या के मामले में मंगलवार को न्यायालय ने फैसला सुनाया। दोषी को आजीवन कारावास एवं 40 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
वादी की तरफ से मुकदमे की पैरवी कर रहे अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) कृष्ण कुमार पांडेय ने बताया कि मृतक के भाई कसया थाना क्षेत्र के बनवारी टोला निवासी वादी शमशुल होदा पुत्र शरीफ ने इस मामले में थाने में तहरीर दी थी।
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उन्होंने बताया कि चार जुलाई, 2014 को दोपहर लगभग 1:45 बजे उनके बड़े भाई अधिवक्ता नुरुल होदा कसया की जामा मस्जिद में जुमे की नमाज अदा कर दक्षिणी गेट से बाहर निकल रहे थे। उसी समय कसया थाना क्षेत्र के ही खेसारी गिदहां गांव के निवासी इब्राहिम अंसारी पुत्र हिसाबुद्दीन अंसारीने अपने सहयोगियों के साथ अपनी पत्नी निकहत परवीन की साजिश में आकर उनके भाई नुरूल होदा को तलवार, चाकू तथा दांव से हमला कर मार दिया था।
उनके भाई के गले, पेट व अन्य जगहों पर गंभीर चोटें आई थीं। उनकी तहरीर के आधार पर कसया थाने की पुलिस ने हत्या सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिस ने विवेचना के बादइब्राहिम अंसारी व निकहत परवीन के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित कर दिया था।
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इस मुकदमे की सुनवाई मंगलवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर-एक मदन मोहन के न्यायालय में हुई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 11 गवाह प्रस्तुत किए गए। न्यायालय ने हत्यारोपी इब्राहिम अंसारी को दोषी मिलने पर आजीवन कारावास तथा 40 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। निकहत परवीन को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया।
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