पडरौना। शादी के दो साल बाद विवाहिता की हत्या के मामले में पति, ससुर और सास को जिला सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दोषी करार देते हुए बृहस्पतिवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। तीनों को 50-50 हजार अर्थदंड से दंडित किया है। दहेज के लिए हत्या का साक्ष्य नहीं मिलने पर हत्या के मामले में सजा सुनाई गई है। मामला खड्डा थाना क्षेत्र का है।
महराजगंज जिले के कोठीभार थाना क्षेत्र के चैनपुर गांव निवासी रमाशंकर ने अपनी पुत्री अंबा की शादी खड्डा थाना क्षेत्र के शाहपुर नौका टोला निवासी संतोष के साथ वर्ष 2016 में की थी। 28 मार्च 2018 की रात ससुराल वालों ने दहेज के लिए अंबा की हत्या कर दी। 29 मार्च को खड्डा पुलिस ने पति, सास और ससुर पर पुलिस ने केस दर्ज किया। विवेचना के बाद कोर्ट में पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार सिंह की अदालत में सुनवाई के दौरान दहेज के लिए हत्या का साक्ष्य नहीं मिला। अदालत में सिर्फ विवाहिता की हत्या की पुष्टि हुई। गवाहों के बयान और साक्ष्य के आधार पर जिला एवं सत्र न्यायालय ने पति संतोष कुमार, ससुर भीखम और सास सोनमती काे आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 50-50 हजार अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर पांच-पांच साल अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अभियोजन पक्ष की तरफ से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गोरख प्रसाद यादव ने पैरवी की।