कुशीनगर जिले के पडरौना कोतवाली क्षेत्र की दस साल की एक गूंगी बालिका के साथ दुष्कर्म करने के दोषी युवक को न्यायालय ने शुक्रवार को आजीवन कारावास एवं 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
वादी की तरफ से इस मुकदमे की पैरवी विशेष सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी संजय तिवारी ने की। उन्होंने बताया कि पडरौना कोतवाली क्षेत्र की निवासी पीड़िता की मां ने तहरीर दी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि 11 मई, 2013 को दिन के लगभग 11 बजे उनकी दस साल की गूंगी बेटी को गांव का ही एक युवक बहला-फुसलाकर बगीचे में ले गया था।
वहां उसके साथ दुष्कर्म किया। गूंगी होने के कारण उनकी बेटी शोर नहीं कर सकी। वह बगीचे में गईं तो दोनों आपत्तिजनक हालत में थे। उन्हें देखते ही आरोपी वहां से भाग गया। उन्होंने चिकित्सकीय परीक्षण कराने के बाद पडरौना कोतवाली में तहरीर दी थी। पुलिस ने दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज कर विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय को प्रेषित कर दिया था।
शुक्रवार को इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट नंबर-एक अमित तिवारी के न्यायालय में हुई। उन्होंने गवाहों और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी को दुष्कर्म का दोषी पाया। उसे दुष्कर्म और लैंगिक अपराधों से बालिकाओं के संरक्षण अधिनियम के आरोप में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास एवं 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। उसे जिला कारागार देवरिया भेज दिया गया।