पडरौना। विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से बृहस्पतिवार को कसया में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश व प्राधिकरण के सचिव शैलेंद्र मणि त्रिपाठी ने कहा कि शिविर का उद्देश्य समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को निशुल्क और सक्षम कानूनी सेवाएं प्रदान करना है। इससे कानून के शासन की स्थापना की दिशा में प्रगति होती है।
अपर जिला जज ने बताया कि विधिक जागरूकता से विधिक संस्कृति को बढ़ावा मिलता है। कानून के निर्माण में लोगों की भागीदारी बढ़ती है। पहले विधिक रूप से साक्षर होने का अर्थ था कानूनी दस्तावेजों, विचारों, कानून आदि को लिखने और पढ़ने की की क्षमता। उन्होंने कहा कि न्याय विभाग ने डिजाइनिंग इनोवेटिव साॅल्यूशंस एंड होलिस्टिक अप्रोच स्कीम, विधिक साक्षरता और विधिक जागरूकता कार्यक्रम नाम से योजना तैयार की है। इसमें एक बहु-हितधारक, प्रगतिशील और परिवर्तनकारी दृष्टिकोण की परिकल्पना की गई है। इसमें नवीन विचारों, उपकरणों और सरलीकृत कार्यप्रणाली को एकीकृत किया गया है। यह कमजोर वर्गों को कानूनी अधिकारों, हकदारियों और प्रासंगिक कानूनों तक पहुंचने में सक्षम बनाती है। इस विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर में सिविल जज (जूडि)/न्यायिक मजिस्ट्रेट सर्वेश कुमार पांडेय, ज्ञानप्रकाश श्रीवास्तव मौजूद रहे।