दुदही। गरीबी और मजबूरी से परेशान होकर दिल कठोर कर हरेश और उसकी पत्नी ने दो साल के मासूम को बेच तो दिया, लेकिन दोनों उसके बिना रह नहीं सके। शनिवार की देर शाम आवश्यक लिखापढ़ी के बाद हरेश अपने बेटे को लेकर घर पहुंचा तो मां खुशी से झूम उठी। बेटे को पाकर लक्ष्मीना उसे गले लगाकर फफक पड़ी। मां-बेटे को देख हरेश भी रो पड़ा। हरेश की पत्नी लक्ष्मीना ने डीएम और एसपी को धन्यवाद दिया है।
दशहवा के भेड़िहारी टोला निवासी हरेश अपनी पत्नी और बच्ची को अस्पताल छुड़ाने के लिए पहले तो काफी प्रयास किया, लेकिन कोई उपाय नहीं सूझ रहा था। इसी बीच हरेश को अमावस मिल गया। अमावस के बहकावे में आकर बेटे को बेचने के लिए हरेश ने हामी भर दी, लेकिन उसका दिल इस बात के लिए तैयार नहीं था। लेकिन, उसकी मजबूरी पत्नी और बच्ची बन गई थी। फिर 20 हजार में बच्चे को बेच दिया था, लेकिन दूसरे दिन से ही पति-पत्नी रोने लगे। आसपास के लोग भी जान गए।
लक्ष्मीना अपने आपको रोक ही नहीं पाई और वह चीख-चीख कर बेटे राजा को आवाज लगाने लगी। जब यह बात क्षेत्र में फैली तो पूरी घटना की सच्चाई सामने आ गई। डीएम उमेश मिश्र व एसपी संतोष कुमार मिश्र की सख्ती के बाद बरवापट्टी पुलिस हरकत में आई। 24 घंटे में बच्चे को बरामद कर पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया। रविवार की सुबह लक्ष्मीना कभी बेटे को गले से लगा रही थी तो कभी उसका माथा चूम रही थी।
गंगेश्वर त्रिपाठी