जिला कारागार के लिए जमीन की पैमाइश, सीमांकन
पडरौना। जिला कारागार के लिए अधिग्रहीत की गई जमीन की बृहस्पतिवार को पैमाइश की गई। उसके बाद उसका सीमांकन कर पिलर गाड़ा गया। इस कार्य के लिए राजस्व, कारागार और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौके पर पहुंचे थे।
जनपद सृजन के 28 वर्ष बीतने के बाद भी यहां जिला कारागार नहीं बन सका है। यहां के कैदियों को देवरिया के जिला कारागार में रहना पड़ता है। हालांकि, इसके लिए पडरौना तहसील क्षेत्र के लमुहा, भटवलिया, मजरा केवल छपरा और केवल छपरा गांव के 328 किसानों से 24.66 हेक्टेयर जमीन ली गई है। जिला कारागार के नाम उसकी रजिस्ट्री भी हो चुकी है। जिला कारागार के निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। इसके बाद जमीन की पैमाइश और सीमांकन का काम होना था।
बृहस्पतिवार को जिला कारागार देवरिया की डिप्टी जेलर वंदना त्रिपाठी, स्टेनो सपन कुमार, जेई बृजमोहन त्रिपाठी, राजस्व विभाग से पडरौना के राजस्व निरीक्षक राजेश कुमार, राजस्व निरीक्षक योगेंद्र गुप्ता, पडरौना की लेखपाल शिवांगी मिश्रा, क्षेत्रीय लेखपाल बलराम कुशवाहा, लोक निर्माण विभाग से जेई राजेश यादव और प्रमोद यादव जिला कारागार के लिए अधिगृहीत जमीन की पैमाइश करने पहुंचे। इन लोगों ने जमीन की पैमाइश की और सीमांकन कराकर वहां पिलर लगवाया। उसके बाद शाम को वहां से गए।
डिप्टी जेलर वंदना त्रिपाठी ने बताया कि जिला कारागार के निर्माण के लिए 380 किसानों से 24.66 हेक्टेयर जमीन की रजिस्ट्री पहले ही कराई जा चुकी है। आज उस जमीन की पैमाइश और सीमांकन कराकर वहां पिलर लगवाया गया। इसके बाद बजट प्राप्त होते ही चहारदीवारी का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग कार्यदायी संस्था नामित है।