फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मलिन बस्तियों में अब तक नहीं मिला कोरोना का एक भी पॉजिटिव केस

विज्ञापन
विज्ञापन
पडरौना। पिछले सात महीने में दो से तीन दिन छोड़कर हर दिन कोरोना पॉजिटिव केस मिले हैं, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि मलिन बस्तियों में एक भी पॉजिटिव केस नहीं मिला है। यह बात स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कराए गए सैंपल की जांच में सामने आई है। माना जा रहा है मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगों की इम्युनिटी काफी मजबूत है। इसके चलते ही वे लोग इस खतरनाक बीमारी से अभी तक सुरक्षित हैं। कोरोना महामारी शुरू होने के बाद से ही जनपद में जांच और उपचार शुरू हो गया था। छह मई को यहां कोरोना का पहला केस सामने आया था। तब से यहां कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या निरंतर बढ़ती गई। अब तक स्वास्थ्य विभाग की तरफ से 217448 लोगों का कोरोना टेस्ट कराया जा चुका है, जिनमें कुल 5533 लोग संक्रमित मिले हैं। इन लोगों में 5424 स्वस्थ भी हो चुके हैं, जबकि 60 लोगों की इस महामारी के चलते मौत हुई है। पडरौना शहर के ओंकार वाटिका कालोनी, तुलसी आवास विकास कालोनी, जगदीशपुरम, मारवाड़ी मुहल्ला, महावीरी गली, मुन्ना कालोनी, कन्नौजिया वार्ड, छावनी समेत कई संपन्न इलाकों में केस पाए गए। लेकिन स्टेशन रोड, वाल्मीकिनगर, बाड़ी टोला, कांशीराम आवास तथा सुभाष चौक के पास स्थित सफाई कर्मियों की कॉलोनी में कोई केस नहीं मिला। स्वास्थ्य विभाग एवं जिला प्रशासन के अनुसार इन सात महीनों में शहर और ग्रामीण क्षेत्र के तमाम इलाकों में संक्रमित लोग मिले, लेकिन मलिन बस्तियों में कोरोना से एक भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला। 00000 जनपद के हर ब्लॉक में कोरोना जांच कराई गई है। इनमें मलिन बस्तियों के लोग भी शामिल रहे। शहरी एवं ग्रामीण सभी क्षेत्रों से कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं, लेकिन मलिन बस्तियों में अब तक कोई पॉजिटिव केस नहीं मिला है। डॉ. नरेंद्र प्रसाद गुप्ता, सीएमओ 00000 कोरोना की जांच संक्रमण शुरू होने के समय से ही कराई जा रही है। जब कोरोना के अत्यधिक केस सामने आ रहे थे, तब प्रतिदिन तीन हजार लोगों की जांच होती थी। अब पॉजिटिव केस मिलने कम हो गए हैं, फिर भी प्रतिदिन 1600 लोगों का कोरोना टेस्ट कराने का टारगेट रखा गया है। टीमें क्षेत्रवार सैंपल एकत्र करती हैं और जांच कराती हैं। अब तक जनपद के हर क्षेत्र में कोरोना जांच हो चुकी है, लेकिन मलिन बस्तियों से कोई पॉजिटिव केस सामने नहीं आया है। भूपेंद्र एस चौधरी, डीएम 00000
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें