पडरौना। जनपद में संचालित कार्यक्रमों के संबंध में निर्देश के बावजूद सुधार न होने के कारण इसकी रैंकिंग डी और सी श्रेणी में हुई है। 34 कार्यक्रमों में डी और आठ कार्यक्रमों में सी रैंक प्राप्त होने के कारण जनपद की रैंकिंग 27वें स्थान पर हुई है। यह जानकारी डीएम शम्भु कुमार ने दी। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के विकास एजेंडा से संबंधित कार्यक्रमों की रैंकिंग मार्च में हुई थी। इसके तहत कुपोषित बच्चों के सापेक्ष सामान्य श्रेणी में लाए गए बच्चों की संख्या, अपूर्ण विद्यालय भवनों को पूर्ण कराकर जनोपयोगी बनाना, सेलर फोटोवोल्टैइक इरीगेशन पंपों की स्थापना में लक्ष्य के सापेक्ष प्रतिशत, किसान पारदर्शी योजना में पंजीकृत कृषकों का प्रतिशत, लाभांवित कृषकों का प्रतिशत, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना में प्रगामी व्यय प्रतिशत, इस योजना में प्रगामी पूर्ण प्रतिशत, महिला सम्मान कोष से संबंधित एफआईआर दर्ज किए गए प्रकरणों के सापेक्ष जिला संचालन समिति के निर्णय के लिए लंबित प्रकरणों की संख्या का प्रतिशत, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान में भवन हस्तांतरण प्रतिशत सहित 34 कार्यक्रमों में डी श्रेणी रैकिंग हुई है, जबकि माइक्रो कामधेनु में लक्ष्य के सापेक्ष क्रियाशील इकाइयों का प्रतिशत, तहसील दिवस पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारित प्रकरण का प्रतिशत, लोहिया ग्राम आवास, राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल मिशन के तहत नए हैंडपंपों के अधिष्ठापन का प्रतिशत सहित आठ कार्यक्रमों में सी श्रेणी में रैंकिंग की गई है।