तीन हजार वर्गफीट में बनेगा कोविड अस्पताल, शासन से 27 लाख मिले
पडरौना। जिला संयुक्त अस्पताल में अलग से कोविड अस्पताल का निर्माण होगा। इसके लिए शासन से भवन बनाने की न केवल स्वीकृति मिल गई है, बल्कि धन भी आवंटित हो गया है। 27 लाख रुपये की लागत से इस भवन का निर्माण होगा। यह अस्पताल फिजियोथेरेपी कक्ष के बगल में बनेगा। इसमें 12 बेड का वेंटीलेटरयुक्त आईसीयू बनेगा। इसके अलावा 30 बेड का एक अलग वार्ड बनेगा। इसमें भी प्रत्येक बेड पर ऑक्सीजन की सुविधा रहेगी।
कोरोना महामारी के दौरान कोरोना संक्रमितों को भर्ती करने के लिए पहली लहर में लक्ष्मीपुर स्थित एक विद्यालय को अधिकृत करना पड़ा था। इसके अलावा जिला अस्पताल परिसर स्थित 100 बेड के एमसीएच (मैटर्निटी एंड चाइल्ड हेल्थ) विंग को कोविड हॉस्पिटल (एल-2) में तब्दील कर दिया गया था। कसया क्षेत्र के सपहां सीएचसी में भी कोविड के मरीज भर्ती किए जाते थे।
यही स्थिति दूसरी लहर में भी रही। उस समय एमसीएच विंग में काफी संख्या में कोरोना संक्रमित मरीज भर्ती किए गए थे। तीसरी लहर में भी लोग संक्रमित हुए। इस साल भी आए दिन कोरोना संक्रमित मरीज मिल रहे हैं। इसे देखते हुए शासन ने कोरोना संक्रमितों के उपचार और भर्ती करने के लिए अलग से कोविड अस्पताल बनाने का निर्णय लिया है।
जिला संयुक्त अस्पताल परिसर में ही मेडिकल कॉलेज का निर्माण होने तथा ऑक्सीजन प्लांट लग जाने से जगह की कमी हो गई है। इसलिए तीन हजार वर्गफीट में कोविड अस्पताल का निर्माण कराया जाना है, जो तीन मंजिला होगा। इसके लिए फिजियोथेरेपी कक्ष के बगल में जगह चिह्नित की गई है।
कोविड अस्पताल निर्माण की शासन से स्वीकृति के बाद अब धन भी मिल गया है। 27 लाख रुपये की लागत से इसका निर्माण होगा। तीन हजार वर्गफीट में जमीन इसके लिए चिह्नित की गई है। यह तीन मंजिला बनेगा। इसमें 12 बेड का आईसीयू और 30 बेड का वार्ड बनेगा। यह फिजियोथेरेपी कक्ष के बगल में बनेगा।
- डॉ. एसके वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला संयुक्त चिकित्सालय