महराजगंज। लोकसभा चुनाव को देखते हुए जिले की पुलिस ने हिस्ट्रीशीट खोली है। पुलिस की ओर से असलहे भी जमा कराए जा रहे हैं। इनमें कुछ ऐसे हैं, जो बाहर रहते हैं। उनका असलहा जमा करने में पुलिस को मुश्किल हो रही है। इतना ही नहीं पुलिस रोजाना शाम को पैदल गश्त कर सीमावर्ती क्षेत्रों के शरारती तत्वों पर कड़ी नजर रखनी शुरू भी कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, जिले में कुल 904 हिस्ट्रीशिटर चिह्नित किए गए हैं। इसमें नौ लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं 126 लोग बाहर रहते हैं, जबकि 41 लोग लापता हो चुके हैं। वहीं 40 लोग जेल में हैं। हालांकि 688 लोग अभी मौजूद हैं। 29873 लोगों का चालान किया गया है। 7752 लोगों को पाबंद किया गया है। पुलिस का मानना है कि लोकसभा चुनाव से पहले माहौल बिगाड़ने में भी इनकी अहम भूमिका होती है। इन सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विवादों से निपटने के लिए उचित इंतजाम करने का प्रयास किया जा रहा है।
भारत-नेपाल बार्डर के सीमावर्ती इलाकों में पुलिस सतर्क है। असलहे जमा कराने के साथ ही हर रोज पुलिस गश्त कर रही है। फिलहाल अब तक करीब 75 फीसदी असलहा जमा करा दिया गया है। शेष बचे असलहे को भी जमा कराने के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। इतना ही नहीं थानों पर पुलिस की संख्या भी बढ़ाई दी गई है। ताकि हर प्रकार की परिस्थितियों से निपटा जा सके। आम जनता को किसी प्रकार की हानि न हो, इसके लिए चुनाव से पहले माहौल को खराब करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।
जिले में कोई नहीं है जिला बदर
पुलिस से मिली आंकड़ों के मुताबिक वर्तमान में जिले में जिला बदर कोई अपराधी नहीं है। जबकि मामूली विवाद में पाबंद के आरोपी 548 आरोपी है। वही मिनी गुंडा एक्ट के 53 और गुंडा के 55 तथा गैंगेस्टर के 6 और अन्य 13 आरोपी शामिल है।
इन्हें कहते हैं हिस्ट्रीशीटर
जब किसी व्यक्ति की बार-बार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पायी जाती है, तो संबंधित थाने का थानेदार एसएसपी या एसपी के आदेश पर उसके अपराध का हिस्ट्री शीट तैयार करता है। ऐसे अपराधियों को हिस्ट्रीशीटर कहा जाता है।
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जिले में गश्त बढ़ा दी गई है। हिस्ट्रीशीटरों पर नजर रखी जा रही है। शांति भंग की आशंका वाले लोगों को पावंद किया जा चुका है। प्रत्येक हलचल पर नजर रखी जा रही है।
सोमेंद्र मीणा, पुलिस अधीक्षक