बेसिक शिक्षा विभाग की तरह से विद्यालयों का किया जाएगा कायाकल्प
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। अभी तक उपेक्षित होकर संचालित हो रहे संस्कृत विद्यालयों के दिन जल्द ही बहुरंगे। वह भी आदर्श विद्यालय के रूप में दिखेंगे। विद्यालय अच्छा ही नहीं दिखेगा, बल्कि उनमें स्मार्ट क्लास भी चलेंगी। यह कार्य होगा मिशन अलंकार के तहत। इस योजना के तहत बेसिक शिक्षा विभाग की तर्ज पर कायाकल्प करने की कवायद शुरू की है। इससे जिले के 21 विद्यालयों की स्थिति सुधर जाएगी और एक आदर्श विद्यालय के रूप में दिखेंगे और पढ़ाई का अच्छा माहौल होगा।
संस्कृत विषय कभी हमारी सभ्यता और बोलचाल की भाषा में थी, लेकिन धीरे-धीरे यह पढ़ाई के साथ बोलचाल से दूर हो गई। जिले में संचालित होने वाले विद्यालय बदहाल होते चले गए। इन्हें सुधारने के लिए कभी कोई सहायता राशि भी किसी ने नहीं दी। इन विद्यालयों की उपेक्षा के चलते संस्कृत विद्यालयों में लगातार विद्यार्थियों की संख्या में भी कम होने लगी है।
अब उपेक्षित संस्कृत विद्यालयों के दिन बहुरेंगे। क्योंकि बेसिक शिक्षा विभाग में चल रहे मिशन कायाकल्प की तरह से मिशन अलंकार के तहत विद्यालयों का कायाकल्प करने की कवायद शुरू हुई है। जिले में संचालित होने वाले संस्कृत विद्यालयों का विभाग की ओर से डाटा तैयार किया जा रहा है। इसमें हाईस्कूल और इंटरमीडिएट दोनों है।
इन सुविधाओं से लैस होंगे विद्यालय
प्रोजेक्ट अलंकार योजना के तहत विद्यालयों में बेहतर पेयजल, अच्छे शौचालय, अतिरिक्त कक्षा का नवीन कक्ष का निर्माण, अच्छे के लिए प्रयोगशाला, खेल मैदान, बैडमिंटन व वॉलीबॉल कोर्ट की स्थापना चहारदीवारी निर्माण, साइकिल स्टैंड, स्मार्ट क्लॉस पुस्तकालय, रेनवॉटर हार्वेस्टिंग आदि की व्यवस्था होगी।
कोट
जिले के संस्कृत विद्यालयों का अलंकार मिशन के तहत कायाकल्प करने की शासन की योजना है। इसके लिए शासन ने विद्यालयों की संख्या समेत वहां उपलब्ध संसाधनों की सूची की मांग की है। शासन से मिले दिशा-निर्देशों के अनुसार विद्यालयों का डाटा तैयार कराया जा रहा है। डाटा तैयार कर शासन को भेजा जाएगा। इसके बाद शासन की तरफ से मिले निर्देश के अनुसार निर्माण कार्य कराया जाएगा।
- रविंद्र सिंह, डीआईओएस, कुशीनगर