कसया। राजस्व वादों का समय से निस्तारण करने में कसया तहसील ने प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। ये मामले नामांतरण (म्यूटेशन) से जुड़े हैं। इसका निस्तारण भूू-राजस्व अधिनियम की धारा-34 के तहत निस्तारित किया जाता है।
राजस्व वादों का समय एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण शासन के प्राथमिकताओं में से एक है। मुख्यमंत्री ने राजस्व वादों को निस्तारित करने के लिए सख्त निर्देश दिया है। इसे ध्यान में रखते हुए कसया तहसील में तैनात अधिकारी व कर्मचारी वादों के निस्तारण का प्रयास लगातार कर रहे हैं। इसका परिणाम है कि प्रदेश में धारा-34 नामांतरण (म्यूटेशन) के वाद निस्तारण में प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। कसया तहसील में कुल 11857 वाद दाखिल हुए। इसमें 11820 का निस्तारण किया गया है। जो कुल मामलों का 99.69 प्रतिशत है। वहीं, 37 निस्तारण होना शेष रह गया है।
कुशीनगर में दाखिल धारा-34 नामांतरण (म्यूटेशन) के वाद
कुशीनगर जनपद में धारा-34 नामांतरण (म्यूटेशन) के कुल 57501 वाद दर्ज हुए। इसमें 55975 वाद का निस्तारण किया गया है। इसमें हाटा तहसील में 17412 वाद दाखिल हुए। इसमें 16749 का निस्तारण और 663 लंबित है। खड्डा में 403 में 387 का निस्तारण हुआ। 16 मामले लंबित है। वहीं, पड़रौना में 5407 में 5195 निस्तारित हुए, तो 212 वाद शेष रहे हैं। तमकुहीराज में 17666 में 17293 निस्तारित और 373 लंबित है। कप्तानगंज में 4756 में 4531 निस्तारित और 225 अभी शेष है। वहीं कसया तहसील में 11857 में 11820 निस्तारित किए गए। वहीं 37 वाद लंबित है।