कप्तानगंज। कस्बे में स्थित डिस्टिलरी की संपत्ति को प्रशासन ने फ्री होल्ड कर दिया है। चीनी मिल इस संपत्ति को बेचकर किसानों का बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान करेगी। इसके चलते किसानों को भुगतान मिलने की उम्मीद बढ़ गई।
कप्तानगंज चीनी मिल से सटे बंद पड़ी डिस्टिलरी को चीनी मिल ने खरीद लिया था। उसे खरीदने के बाद चीनी मिल की हालत बिगड़ गई। एक तरफ मिल पर किसानों का करोड़ों रुपये गन्ना मूल्य बकाया है तो दूसरी ओर बंद पड़ी डिस्टिलरी के मजदूरों का वेतन बकाया है। प्रशासन चीनी पर लगातार कार्रवाई करता रहा। प्रशासन ने स्क्रैप की नीलामी के लिए वैल्यूएशन तक करा लिया। उसी बीच चीनी मिल ने स्क्रैप की नीलामी को रोकने का आग्रह करते हुए डिस्टिलरी के मजदूरों का वेतन भुगतान करते हुए फैक्ट्री की संपत्ति को फ्री होल्ड करा लिया है और डिस्टिलरी की संपत्ति को बेचकर किसानों का गन्ना मूल्य भुगतान करने की तैयारी कर रही है।
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डिस्टिलरी की संपत्ति को फ्री होल्ड करा लिया गया है। पहले डिस्टिलरी की जो जमीन खेती वाली है, उसे पहले बेचा जाएगा। उसे लेकर तैयारी चल रही है। इस पैसे से किसानों का बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान किया जाएगा और निजी स्रोतों से भी पैसे की व्यवस्था की जा रही है, जिससे किसानों का भी बकाया भुगतान किया जाएगा। -नरेंद्र वली, महाप्रबंधक (कार्य), कप्तानगंज चीनी मिल
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डिस्टिलरी की संपत्ति को फ्री होल्ड कर दिया गया है। फैक्ट्री के पास जो खाली पड़ी जमीन है, उसे बेचकर चीनी मिल किसानों का बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान करेगी। चीनी मिल की संपत्ति अभी जब्त है। -व्यास नारायण उमराव, एसडीएम, कप्तानगंज