कसया। करंट की चपेट में आने से आरओ प्लाट संचालक की मौत से नाराज गांव वालों ने पोस्टमार्टम के बाद बिजली उपकेंद्र के सामने शव रखकर कसया-कुशीनगर मार्ग जाम कर दिया। आक्रोशित लोग बिजली निगम के कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाकर नारेबाजी करने लगे। इसकी जानकारी होने पर सीओ और तहसीलदार मौके पर पहुंचे और जाम खत्म कराने का प्रयास किए। लेकिन गांव वाले इनकी एक नहीं सुने। इस दौरान नोकझोंक भी हुई। मामला बढ़ता देख पुलिस बैकफुट पर आ गई। मुआवजा देने के लिए लिखित और मामले की जांच कर लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर आक्रोशित लोग शांत हुए। इसकी वजह से डेढ़ घंटे तक अवागमन प्रभावित रहा।
थाना क्षेत्र के मुंडेरा रतन पट्टी में गांव निवासी 40 वर्षीय संजय कुमार सिंह आरओ प्लांट चलाते थे। ग्रामीण के अनुसार रविवार की रात घरों में अचानक हाई वोल्टेज करंट आ गया। संजय कुमार स्विच ऑफ करने गए तो करंट की चपेट में आ गए और इनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा तो गांव वाले बिजली निगम पर लापरवाही और मुआवजे की मांग को लेकर शव का दाह संस्कार करने से रोक दिया। पीड़ित के घर तहसीलदार धर्मवीर सिंह गए और लोगों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन इनकी बात गांव वाले नहीं सुने। शव लेकर शाम 4 बजे कसया बिजली उपकेंद्र के सामने रखकर सड़क जाम कर नारेबाजी करने लगे। इसके चलते कस्बे में जाम लग गया। सीओ कुंदन सिंह और तहसीलदार धर्मवीर सिंह पहुंचे और जाम खत्म कराने का प्रयास करने लगे। इस दौरान पुलिस और गांव वालों के बीच नोकझोंक भी हुई। तहसीलदार ने बिजली निगम से मुआवजा दिलाने का लिखित दिया और मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद गांव वाले शांत हुए और दाह संस्कार के लिए शव लेकर गए। तहसीलदार ने बताया कि एक टीम गठित की गई है। गांव में सर्वे कर हाई वोल्टेज से हुए नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट देगी। इसके बाद नियमानुसार विभाग से मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।