लोक परंपरा को जीवंत रखना जरूरी: विधायक
- सावन में माटी की खुशबू को बिखेरती है कजरी: मदन गोविंद राव
रामकोला। लोक कला एवं लोक सेवा को समर्पित संस्था लोक मंजरी की ओर से रविवार को रामकोला कस्बे के छविगृह में कजरी महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लोक कलाओं एवं परंपराओं के महत्व पर चर्चा की गई।
मुख्य अतिथि विधायक विनय प्रकाश गौड़ ने माता सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि लोक परंपराओं को जीवंत रखना जरूरी है। यह हमारी संस्कृति की पहचान है। इन्हें जीवंत रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।
विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक मदन गोविंद राव ने कहा कि कजरी में माटी की खुशबू बिखेरती है। अपनी विलुप्त हो रही कलाओं का संरक्षण जरूरी है।
कार्यक्रम में ओमप्रकाश गोविंद राव, उमाशंकर द्विवेदी, प्रधानाचार्य श्रीराम प्रसाद, मधुसूदन पांडेय, मजीबुल्लाह राही, विजयनाथ पांडेय को शाल ओढ़ाकर और प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में कलाकारों ने कजरी, मिर्जापुरी, बनारसी, अवधी, सावनी झूमर, लचका, छपरहिया, पटनहिया लोक नृत्य, झूला गीत आदि का प्रदर्शन कर खूब प्रशंसा बटोरी। अध्यक्षता बीएम भट्ट एवं संचालन आरके भट्ट ने किया। लोक मंजरी समिति के सदस्य एवं कार्यक्रम संयोजक रामदरस शर्मा ने मिर्जापुरी कजरी प्रस्तुत किया। ज्ञानवर्धन गोविंद राव ने आभार जताया। इस मौके पर चंद्रेश्वर परवाना, डॉ. चंदन कुमार गोंड, अजय गोविंद राव, ओमप्रकाश सिंह, राकेश गोविंद राव, आशीष गोविंद राव, नागेंद्र सिंह और संरक्षक सज्जन जालान आदि मौजूद थे।