मंसाछापर। सादी वर्दी में पहुंचे पुलिस कर्मियों ने बृहस्पतिवार की देर शाम सीएचसी विशुनपुरा में तैनात संविदाकर्मी डाटा इंट्री ऑपरेटर को उठा लिया। चर्चा है कि आयुष्मान भारत योजना में हुई गड़बड़ी के मामले में टीम ऑपरेटर समेत उसके मोबाइल और लैपटॉप को अपने साथ ले गई है। खुद को एंटी करप्शन टीम का सदस्य भी बताया। जबकि इस मामले में डीएम को जानकारी भी नहीं है।
बृहस्पतिवार की देर शाम करीब सात बजे सीएचसी विशुनपुरा पर सादे वर्दी में कुछ पुलिसकर्मी पहुंचे। आते ही सीएचसी प्रभारी को अपने आप को एंटी करप्शन टीम का सदस्य बताया। उन्होंने डाटा इंट्री ऑपरेटर सतीश सोनी के बारे में पूछताछ की। इसके बाद कार्यालय में जाकर उसे हिरासत में ले लिया। टीम ने उसका मोबाइल और लैपटॉप भी कब्जे में ले लिया। इस कार्रवाई के दौरान सभी स्वास्थ्यकर्मियों में खलबली मच गई। किस मामले में उसे उठाया गया है, इसको लेकर हर कोई चर्चा करते नजर आया। हालांकि, कुछ लोग इसे आयुष्मान भारत योजना में हुई गड़बड़ी के मामले से जोड़कर देख रहे हैं।
चर्चा यह भी है कि ढाई वर्ष पहले सीएचसी तरयासुजान में तैनाती के दौरान डाटा में उसने गड़बड़ी की है। हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। सीएचसी विशुनपुरा में पकड़ा गया ऑपरेटर सतीश सोनी प्रसव, जन्मप्रमाण पत्र, टीकाकरण का अपडेट पोर्टल पर करता था। प्रतिदिन वह जन्म प्रमाण पत्र भी बनाता था। इस कार्रवाई के बाद टीम उसे थाने पर भी नहीं ले गई। इस संबंध में एमओआईसी डॉ. जिशान अलीम ने बताया कि एंटी करप्शन की टीम बताकर सादे वर्दी में आये कुछ लोग उसे अपने साथ ले गए हैं। मोबाइल और लैपटॉप भी उसके पास से बरामद करते हुए उसे लेकर गए हैं। किस मामले में उसे हिरासत में लिया गया है, इसकी जानकारी नहीं है। वहीं, सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया ने भी ऐसी किसी कार्रवाई से इन्कार किया है।