पडरौना। आयुष्मान योजना में चयनित अस्पतालों की जांच के लिए सीएमओ ने दो सदस्यीय टीम गठित की है। संचालकों से शपथपत्र के साथ अस्पताल का मानक और डॉक्टर, कर्मचारियों का ब्योरा लिया जा रहा है। इसमें कई ऐसे अस्पताल हैं जिनके आयुष्मान योजना में चयन के दौरान जिन डॉक्टर और कर्मचारियों का नाम दिया गया था। वे बीच में हट गए और दूसरे डॉक्टरों से मरीजों का इलाज कराया जा रहा था। पुलिस की कार्रवाई में ऐसे कई मामले सामने आए हैं। इसलिए संचालकों से शपथपत्र लिया जा रहा है।
आयुष्मान योजना में चयनित दो निजी अस्पतालों की आईडी हैक कर अश्लील तस्वीर अपलोड कर दी गई थी। अस्पताल संचालकों की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज किया। इस मामले में सीएमओ कार्यालय में तैनात संविदा क्लर्क समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। फरार चल रहे हैरिटेज कंपनी के क्लस्टर हेड को अब तक पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
अब सीएमओ ने डिप्टी सीएमओ डॉ. राकेश गुप्ता के नेतृत्व में टीम गठित की है। अस्पतालों में टीम पहुंच रही है और जांच के बाद शपथ पत्र ले रही है। सूत्रों की मानें तो आयुष्मान योजना में वेबसाइट हैक कर रकम वसूलने का जो आरोप लगा था। उस मामले में भी अस्पताल संचालकों से शपथ पत्र लिया जा रहा है। जिस पर अस्पताल संचालक एक रुपये वसूली नहीं होने का शपथ पत्र दे रहे हैं। हालांकि, इससे जिम्मेदार इनकार कर रहे हैं। लेकिन महकमे में यह चर्चा का विषय बना है। सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया ने बताया कि आयुष्मान योजना में चयनित निजी अस्पतालों के संचालकों से उनके कर्मचारी और डॉक्टरों के बारे में शपथ पत्र लिया जा रहा है। कई जगह डॉक्टर और कर्मचारी बदल दिए गए हैं। जिसकी जानकारी विभाग को नहीं है।