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कसाडा : 10 साल धड़ल्ले से अवैध निर्माण, डीएम भड़के तो एक माह में 72 नोटिस भेजकर भूल गए

Sun, 23 Jul 2023 12:24 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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सख्ती पर नोटिस की कार्रवाई में तेजी, फिर पुराने ढर्रे पर कसाडा
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10 दिन में 72 नोटिस अवैध निर्माण के खिलाफ, जुलाई में अब तक सिर्फ एक ही नोटिस


संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। भगवान बुद्ध से जुड़े मंदिरों और धरोहरों के आसपास बेतरतीब विकास पर अंकुश लगाने के लिए अस्तित्व में आए कुशीनगर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (कसाडा) के अधीन आने वाले इलाकों में पिछले 10 साल से धड़ल्ले से अवैध निर्माण जारी है। मामला डीएम के संज्ञान में आया तो उन्होंने सख्त तेवर दिखाए। अधिकारियों को अवैध निर्माण पर अंकुश लगाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। आदेश का असर हुआ और एक माह में अवैध निर्माण करने वाले 72 लोगों को नोटिस जारी कर दिया गया। इसके बाद अफसरों पर फिर सुस्ती हावी हो गई। जिन्हें नोटिस दिया गया न तो उनके खिलाफ आगे कोई कार्रवाई हुई और न ही और लोगों को नोटिस भेजने का क्रम जारी रहा।
कसाडा क्षेत्र में हरित क्षेत्र सहित कई ऐसे स्थान हैं, जहां बगैर नक्शा पास कराए निर्माण पर रोक है। बावजूद इसके धड़ल्ले से अवैध तरीके से भवन बनते रहे और अधिकारी लापरवाह बने रहे। बात डीएम रमेश रंजन के संज्ञान में आई और पिछले महीने फटकार लगाई तो एक महीने में ही विभाग ने अवैध निर्माण कराने वाले 72 लोगों को नोटिस भेज दिया, लेकिन इस महीने अब तक सिर्फ एक व्यक्ति को नोटिस जारी किया गया है।
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दरअसल, जून में डीएम ने कसाडा क्षेत्र का निरीक्षण किया था। अवैध निर्माण पर अधिकारियों से सवाल पूछे तो मई में तीन लोगों को नोटिस जारी करने की जानकारी मिली। इस पर डीएम ने नाराजगी जताई और अवैध निर्माण पर रोक लगाने के लिए अवर अभियंता के नेतृत्व में टीम गठित कर दी। नतीजा रहा कि जून में 10 दिन में ही 72 अवैध निर्माण के खिलाफ नोटिस जारी कर दिया गया, लेकिन इसके आगे की कार्रवाई करना अधिकारी भूल गए। इसके बारे में अधिकारियों का कहना है कि सृजित पद के मुताबिक तैनाती न होके से कार्य प्रभावित हो रहा है।


जून महीने में तिथिवार जारी नोटिस
तिथि- जारी नोटिस की संख्या

15 जून- 7

16 जून- 17

21 जून- 13

22 जून- 10

23 जून- 9

24 जून- 2

26 जून- 5

27 जून- 2

28 जून- 3

30 जून- 4



कुल संख्या - 72


ऑर्किटेक्ट व इंजीनियर बोले

बिना नक्शा पास कराए भवन बनने के बाद कंपाउंडिंग की प्रकिया शुरू होती है। कसाडा के अधिकारी भवन का निरीक्षण करते हैं। तल और जमीन किस स्थान पर है, उसका नक्शा पास कराने की स्वीकृति देते हैं। इससे प्राधिकरण को आर्थिक लाभ होता है और भवन स्वामी को नक्शा न होने की समस्या से छुटकारा मिल जाती है। लोन भी बिना नक़्शा पास कराए नहीं होता है। इसलिए भू खंड स्वामी को नक़्शा पास कराने के बाद ही निर्माण करना चाहिए।

-नीरज कुमार वर्मा, ऑर्किटेक्ट



बिना नक्शा पास कराए निर्माण नहीं कराना चाहिए। तय मानक के अनुसार नक्शा स्वीकृत कराकर ही निर्माण कराना चाहिए। उसका भविष्य में लाभ मिलता है। वहीं, लोन भी नक्शा स्वीकृत होने के बाद ही मिलता है।

-आरएन राव, अवर अभियंता, पीडब्ल्यूडी



अवैध निर्माण के तय हैं मानक

कसाडा अपनी सीमा में कुछ मानक व नक्शा पास कराकर ही निर्माण कराने की अनुमति देता है। कई जगह निर्माण कार्य निषिद्ध है। कुछ जगह बोर्ड भी लगाए गए थे, लेकिन अधिकांश अब दिख नहीं रहे। उन निषिद्ध क्षेत्रों में हरितपट्टी क्षेत्र, खुला व पार्क क्षेत्र समेत अन्य कई चिह्नित स्थल शामिल हैं। वहीं कुछ ऐसे क्षेत्र भी हैं, जहां निर्माण की सशर्त अनुमति है। लेकिन निर्धारित मानकों की अनदेखी कर निर्माण कार्य चल रहा है।



नक्शा पास कराने के लिए ये कागजात चाहिए

प्राधिकरण के अनुसार किसी को अपना नक्शा बनवाने के लिए कुछ कागजात की जरूरत होती है। उनमें जमीन की खतौनी, बैनामा की काॅपी, आधार व पैन कार्ड की छायाप्रति, एयरपोर्ट की एनओसी, राजमार्ग प्राधिकरण की एनओसी, शपथ पत्र, लेखपाल की रिपोर्ट होनी चाहिए। इनके अलावा ऑर्किटेक्ट भू खंड का स्थलीय निरीक्षण कर और मास्टर प्लान के मुताबिक ही नक्शा तैयार करेगा।
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जेई अवकाश पर, जानकारी हासिल कर लौट रहे लोग

कसाडा कार्यालय पर तैनात वरिष्ठ लिपिक गोपाल तिवारी ने बताया कि एक जेई की तैनाती हुई है। उन्होंने बीते 30 जून को पदभार ग्रहण किया था। उसके बाद मेडिकल अवकाश पर चले गए हैं। उम्मीद है कि 25 जुलाई को आ जाएं। फिलहाल, नक्शा आदि की जानकारी लेने के लिए कार्यालय पहुंचने वाले लोगों को वापस लौटना पड़ रहा।
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