पडरौना। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना एवं एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत मंगलवार को उद्यमी जागरूकता शिविर का आयोजन हुआ। इसमें 30 किसानों को केला और हल्दी की खेती और उससे होने वाले लाभ के बारे में जानकारी दी गई।
जिला उद्यान अधिकारी कृष्ण कुमार ने कहा कि जिले में केला और हल्दी उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। इसकी खेती करने वाले किसानों को उद्यान विभाग की तरफ से लागत का 35 फीसदी अनुदान दिया जा रहा है। अनुदान का लाभ लेकर किसानों को उद्यमी बनना चाहिए। उन्होंने किसानों के कई प्रश्नों का उत्तर भी दिया। कसया क्षेत्र के कुड़वा दिलीपनगर (फुलवापट्टी) में उद्यमी जितेंद्र कुशवाहा की तरफ से स्थापित राइपेनिंग चैंबर को दिखकर उसके कार्य के बारे में जानकारी दी।
इस दौरान पीएमएफएमई प्रभारी पंकज जायसवाल, एकीकृत बागवानी विकास मिशन प्रभारी विपिन उपाध्याय, अनिल द्विवेदी, उमेश गुप्ता, राकेश सिंह, रामगिरीश शर्मा, सिंघासन कुशवाहा, राजेंद्र सिंह, केदार सिंह, महेंद्र यादव, मुकेश कुमार चौरसिया, प्रमोद कुशवाहा, जयराम सिंह, मैनेजर सिंह, गोरखनाथ सिंह, इंद्रजीत प्रसाद आदि मौजूद रहे।