88 की तैनाती का मानक, सिर्फ 53 से चल रहा काम
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। रोडवेज बस डिपो में बस बेड़े की संख्या अब 40 हो गई है, लेकिन परिचालकों की संख्या नहीं बढ़ पा रही है। इससे बसों के फेरे नहीं बढ़ पा रहे हैं। एआरएम बिंदू प्रसाद ने बताया कि परिचालकों की कमी दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में मुख्यालय को पत्र भेजा गया है।
पडरौना बस डिपो के नए भवन के निर्माण की आधारशिला चार अप्रैल को परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने रखी है। उन्होंने यहां से 100 बसें चलाने की घोषणा की है, लेकिन इस डिपो से 40 बसें हैं। इनका संचालन गोरखपुर, लखनऊ, देवरिया सहित अन्य जगहों के लिए होता है।
डिपो बनने के बाद यहां पर यात्रियों के लिए बुनियादी सुविधाएं बहाल नहीं हो सकी थीं। इसके अलावा यहां से संचालित होने वाली बसों के लिए पर्याप्त संख्या में परिचालक नहीं मिले। डिपो में परिचालकों के 88 पद स्वीकृत हैं, लेकिन 53 परिचालक ही उपलब्ध हैं। इनमें आठ स्थायी और अन्य संविदा पर कार्यरत हैं।
इससे बसों के फेरे कम लग पाते हैं। इस वजह से यात्रियों को बस स्टॉप पर बसें नहीं मिलती हैं। यात्रियों को जीप, बोलेरो, निजी बसों और टेंपो से यात्रा करनी पड़ती है।
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कोट
शासन से डिपो में परिचालकों की मांग की गई है। वर्तमान में 88 के बजाय 53 परिचालक हैं। बसों की संख्या बढ़ने पर इनकी संख्या भी बढ़ेगी। इस संबंध में पत्राचार किया गया है।
बिंदू प्रसाद, एआरएम, पडरौना डिपो