पडरौना। बरवापट्टी थाना क्षेत्र के एक विद्यालय में पढ़ने वाली कक्षा दो की छात्रा से छेड़छाड़ एवं पॉक्सो एक्ट के मामले की बृहस्पतिवार को न्यायालय में सुनवाई हुई। न्यायाधीश ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक को छात्रा से छेड़छाड़ का दोषी पाया। उसे पांच साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर दस हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।
वादी की तरफ से इस मुकदमे की पैरवी कर रहे विशेष सहायक शासकीय अधिवक्ता सुनील कुमार मिश्र ने बताया कि बरवापट्टी थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने थाने में तहरीर दी थी। उसने बताया था कि उनकी आठ साल की बेटी निकट के एक विद्यालय में कक्षा दो में पढ़ रही थी। 26 दिसंबर 2013 को उसकी पुत्री को विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने अपने कार्यालय में बुलाया और छेड़छाड़ की।
बेटी ने घर पहुंचने पर इसकी जानकारी दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। तभी से यह मुकदमा चल रहा था। बृहस्पतिवार को इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट नंबर-एक अमित तिवारी के न्यायालय में हुई। न्यायाधीश ने सुनवाई के दौरान आरोपी प्रधानाध्यापक को दोषी पाया।